जमशेदपुर. पासपोर्ट बनाने के लिए देश में बनाये गये 256 सब सेंटर में सबसे ज्यादा पासपोर्ट जमशेदपुर में बनता है. जमशेदपुर सेंटर की शुरुआत 19 मार्च 2017 को की गयी थी. यहां एक साल में हर दिन 125 पासपोर्ट बनाने की सीमा तय की गयी है, यहां दो हजार से ज्यादा पासपोर्ट हर महीने बनता है. वहीं 125 की सीमा के तहत करीब सौ लोग हर दिन अपना आवेदन देते हैं. 2016 तक के आंकड़ों के अनुसार रांची स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में करीब 90 हजार आवेदन आये और 84 हजार पासपोर्ट जारी हुआ. इनमें से 16,800 पासपोर्ट जमशेदपुर के लोगों का बना था.
जमशेदपुर में बनता है सबसे ज्यादा पासपोर्ट
जमशेदपुर. पासपोर्ट बनाने के लिए देश में बनाये गये 256 सब सेंटर में सबसे ज्यादा पासपोर्ट जमशेदपुर में बनता है. जमशेदपुर सेंटर की शुरुआत 19 मार्च 2017 को की गयी थी. यहां एक साल में हर दिन 125 पासपोर्ट बनाने की सीमा तय की गयी है, यहां दो हजार से ज्यादा पासपोर्ट हर महीने बनता […]

पासपोर्ट बनाने वाले 50 फीसदी लोग जा रहे खाड़ी देश. राज्य में प्रत्येक साल करीब एक लाख पासपोर्ट बनाये जाते हैं, जिसमें जमशेदपुर के करीब 35,000 लोगों का पासपोर्ट बनता है. जितने लोगों का पासपोर्ट बनता है, उसमें से करीब 50 फीसदी लोग निम्न वर्ग से आते हैं. उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहती है, इस वजह से वे पासपोर्ट बनाने के बाद खाड़ी देशों की अोर पलायन करते हैं. पासपोर्ट बनाने वालों में करीब 10 फीसदी लोग हाइ सोसायटी के होते हैं, जो छुट्टी को बेहतर तरीके से सेलिब्रेट करने के लिए विदेश जाते हैं. जमशेदपुर के लोग गर्मी या फिर अन्य छुट्टियों में थाईलैंड अौर सिंगापुर जाना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं. हज यात्रा पर जाने के लिए भी मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा हर साल करीब 7000 पासपोर्ट बनाये जाते हैं. पासपोर्ट बनाने में पूर्व में छात्र की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ गयी है. जमशेदपुर के करीब 10,000 छात्र हर साल पढ़ाई के लिए बाहर जाने को पासपोर्ट बनाते हैं.