मुद्रा लोन के नाम पर ठगी के छह आरोपी गये जेल

गुवा : मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर गरीब महिलाओं से लाखों की ठगी करने के आरोप में गुवा से पकड़े गये छह आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया. इन पर सरकारी दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हुए अवैध उगाही का मामला दर्ज किया गया है. इस चर्चित जालसाजी में पुलिस ने […]

गुवा : मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर गरीब महिलाओं से लाखों की ठगी करने के आरोप में गुवा से पकड़े गये छह आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया. इन पर सरकारी दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करते हुए अवैध उगाही का मामला दर्ज किया गया है.

इस चर्चित जालसाजी में पुलिस ने मंगलवार को गुवा के रामनगर से सभी आरोपियों को पकड़ा था. गुवा निवासी सेलकर्मी बलबीर करवा (42), किरीबुरू निवासी
सुशांत करवा व भरत करवा (26), चक्रधरपुर निवासी कार्तिक मुखी (25), जमशेदपुर के सोनारी निवासी गणेश राव (30) व देवराज सिंह (48) को चाईबासा कोर्ट में
पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
हालांकि, बलबीर करवा की पत्नी सह आजसू नेत्री बसंती करवा को पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं हो पाने के कारण छोड़ दिया है. फिर भी, इस केस में अपना नाम सामने आने के बाद वह बुधवार सुबह से वकीलों के संपर्क में है और अग्रिम जमानत के लिए प्रयास कर रही है. दूसरी ओर, आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद भुक्तभोगी लोग अपनी रकम वापसी के लिए चिंतित हैं.
डेढ़ गुना ग्राहक के लालच में गुवा पहुंचे थे
गिरोह के पहुंचने की कहानी गुवा दिलचस्प है. छह में से एक आरोपी किरीबुरू निवासी भरत करवा बलबीर करवा का रिश्तेदार है. बलबीर किसी काम से किरीबुरू गया और वहां इस धंधे को देखा. उसने वादा किया कि वह किरीबुरू से
डेढ़ गुना ग्राहक गुवा में दिलाएगा. अपना वादा निभाते हुए उसने डेढ़ सौ ग्राहक खोजकर दिये भी. लेकिन यहीं पर गिरोह पकड़ा भी गया.
गुवा : ढाई सौ महिलाओं से लाखों की वसूली का मामला
जेल गये आरोपियों में सरगना देवराज सिंह व सेलकर्मी बलबीर करवा शामिल
बलबीर की पत्नी व आजसू नेत्री बसंती को साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने छोड़ा
अग्रिम जमानत की कोशिश में बसंती करवा, सुबह से ही वकीलों के संपर्क में
सात में से कुल छह आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. पिछले कई दिनों से पुलिस प्रयासरत थी कि इस गिरोह के सभी लोग गिरफ्त में आ जाएं. मंगलवार को गुप्त सूचना मिली कि बलबीर करवा के घर सभी आरोपी जुटे हैं. पुलिस ने दबिश देकर सभी आरोपियों को पकड़ लिया. इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.
– संजय कुमार, थाना प्रभारी, गुवा
दो जिलों में फैला था नेटवर्क, साल भर से काम
जेल भेजे गये आरोपियों में एक देवराज सिंह पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. उस पर आरोप है कि उसने उक्त पांचों के साथ मिलकर गुवा में ही लगभग ढाई सौ महिलाओं को अपना शिकार बनाया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिये. पुलिस के सूत्रों की मानें तो ठगी का नेटवर्क दो जिलों में फैला था और ये पिछले एक साल से इस काम को अंजाम दे रहे थे. बताया जा रहा है गुवा के अलावा किरीबुरू में 50, मझगांव में 50, चाईबासा एवं चक्रधरपुर में 100 तथा जमशेदपुर में लगभग 50 महिलाएं भी इनकी ठगी का शिकार हुई हैं. ये ठग मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर एक-एक हजार रुपये एडवांस के रूप में लेकर फॉर्म भरवाते थे लेकिन न कोई पावती रसीद देते न ही कोई एकाउंटिंग करते थे.
मोटी रकम ऐंठकर भागने के फिराक में थे
गुवा में एक साल से जमे ये ठग मोटी रकम वसूलकर भागने की फिराक में थे. इसके लिए प्लान भी तैयार था, तब तक मामले का भंडाफोड़ हो गया.
अन्य साथियों के मोबाइल बंद
बताया जा रहा है कि इस गिरोह का मुख्य कार्यालय जमशेदपुर में है. घटना के सामने आने के बाद से गिरोह के कई सदस्यों के मोबाइल स्विच्ड ऑफ हैं.

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