फर्जी कागजात पर 3.02 करोड़ रुपये लोन लेने के मामले में जांच हुई तेज
बिल्डर, बैंकर्स और ग्राहकों के नाम पर लिया गया था लोन
जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में लोन घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने बुधवार को इससे जुड़े दस्तावेज चीफ मैनेजर प्रीति झा से हासिल किया.
जाली दस्तावेज पर लोन लेकर बैंक को लगभग 3.02 करोड़ का नुकसान पहुंचाने की जांच सीबीआइ कर रही है. घटना वर्ष 2013 से 2015 के बीच की है. इसमें लोन नहीं चुकाने वाले 10 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसमें सीबीआई ने निर्मल मिश्रा, जोगेंदर अग्रवाल, विनीत पांडेय, चंदन अग्रवाल, अमरपाल सिंह, चंदन घोष, दिपेश सेन, अनीस सिंह, देबजीत बोस, कुलवंत सिंह को आरोपी बनाया है. दस्तावेजों की जांच के बाद सीबीआइ टीम आरोपियों से पूछताछ भी करेगी. फर्जी दस्तावेज पर लोन हासिल करने वाले पांच अन्य लोगों का नाम भी सामने आया है जिसकी जांच सीबीआइ कर रही है.
लोन लेने वालों में बिल्डर, बैंकर्स और ग्राहकों के नाम दस्तावेज में सामने आये है. इन लोगों ने लोन के लिए बैंक में जो दस्तावेज जमा कराया था वह जांच में फर्जी निकला था. सभी 10 लोगों ने लोन लेने के लिए एक ही तरीका अपनाया था. सीबीआइ टीम सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है.
दस्तावेज सीबीआइ को उपलब्ध करा दिया : चीफ मैनेजर
पीएनबी की चीफ मैनेजर प्रीति झा ने बताया कि सीबीआइ ने जो दस्तावेज मांगें थे, उन्हें उपलब्ध करा दिये गये है. हम सीबीआइ को जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
