एजीएम में हंगामा, कन्वेनर पर सहमति नहीं

जमशेदपुर : एसडीओ माधवी मिश्रा की मौजूदगी और कड़ी सुरक्षा में रविवार को आयोजित सीजीपीसी की आमसभा बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी. कन्वेनर के लिए दो नाम सामने आने पर कार्यकारी प्रधान इंदरजीत सिंह ने आमसभा समाप्ति की घोषणा कर दी. उन्होंने अधिकारियों से सभी को बाहर निकालने की बात माइक से कही. […]

जमशेदपुर : एसडीओ माधवी मिश्रा की मौजूदगी और कड़ी सुरक्षा में रविवार को आयोजित सीजीपीसी की आमसभा बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी. कन्वेनर के लिए दो नाम सामने आने पर कार्यकारी प्रधान इंदरजीत सिंह ने आमसभा समाप्ति की घोषणा कर दी. उन्होंने अधिकारियों से सभी को बाहर निकालने की बात माइक से कही. इसके बाद हंगामा शुरू हो गया.

बैठक में आये विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के पदाधिकारियों ने निर्णय लेने के नाम पर बुलायी गयी आमसभा में उन्हें मूर्ख बनाने का आरोप लगाया. लोगों का कहना था कि दलजीत सिंह दल्ली का पक्ष मजबूत देखकर कार्यकारी प्रधान ने यह फैसला लिया. बैठक में कन्वेनर बनाने के लिए अधिकांश लोगों ने मनीफिट के दलजीत सिंह दल्ली का नाम लिया, कुछ लोगों ने हरनेक सिंह का भी नाम लिया. हंगामा करने वाले लोग दल्ली और हरनेक सिंह दोनों को चुनाव कन्वेनर बनाकर कार्रवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध इंदरजीत सिंह से कर रहे थे. 15 मिनट तक चले हंगामे की जानकारी एसडीओ तक पहुंची.
एसडीओ के निर्देश पर इंदरजीत सिंह ने बैशाखी यानि 15 अप्रैल के बाद वोटिंग से चुनाव कन्वेनर बनाने की माइक से घोषणा की और अपने समर्थकों संग बाहर निकल गये. इसके बाद आधे घंटे तक गहमागहमी रही. बाद में दंडाधिकारियों ने अनुरोध कर सभी को सीजीपीसी कार्यालय से बाहर निकाला. इधर, कार्यपालक दंडाधिकारी अनिता केरकेट्टा ने आमसभा में हुई कार्रवाई की जानकारी इंदरजीत सिंह से ली. वह अपनी रिपोर्ट एसडीओ को सौंपेंगी.
प्रवेश-पत्र दिखा मिला प्रवेश
इससे पहले बैठक में लिस्ट के मुताबिक दंडाधिकारियों ने कार्यवाहक प्रधान इंदरजीत सिंह, हरनेक सिंह के सामने गेट से एक-एक लोगों को उनका पहचान-पत्र देखकर प्रवेश कराया. 10.30 बजे की प्रस्तावित बैठक 11.45 बजे शुरू हुई. किसी बाहरी और बिना लिस्ट की बैठक में शामिल होने की सूचना पर दोबारा बैठक में उपस्थित लोगों का दंडाधिकारियों ने क्राॅस चेक किया. फिर इंदरजीत सिंह ने अरदास कर बैठक की कार्रवाई आरंभ की. बैठक को लेकर एसडीओ के निर्देश पर कार्यपालक दंडाधिकारी अनिता केरकेट्टा के अलावा जय प्रकाश श्रीवास्तव, डीके पांडेय और अनिष कुमार, साकची थाना प्रभारी मदन कुमार शर्मा, सीसीआर इंस्पेक्टर आमिष हुसैन समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. बैठक में सतनाम सिंह सिद्धू, बलदेव सिंह, गुरदयाल सिंह, हरनेक सिंह, हरविंदर सिंह मंटू, हरमिंदर सिंह, गुरमुख सिंह मुखे, जसवंत सिंह, भगवान सिंह, गुरमीत सिंह तोते, तरसेम सिंह, सुरजीत सिंह, दलजीत सिंह, दलबीर सिंह, जसबीर सिंह, परमजीत सिंह काले, सतवीर सिंह, जगजीत सिंह, मंजीत सिंह समेत कुल 99 विभिन्न गुरुद्वारा के पदाधिकारी मौजूद थे.
मुखे को इंट्री
सीजीपीसी ने गुरमुख सिंह मुखे को आमसभा से बाहर रखने के लिए एक दिन पहले देनदार बताते हुए मानगो गुरुद्वारा के प्रधान भगवान सिंह समेत एसडीओ को भी इसकी जानकारी दे दी थी. मुखे और उनके समर्थकों के अलावा मानगो गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान भगवान सिंह दस्तावेजों के साथ एसडीओ से मिले और आमसभा के बाहर रखने के कारणों की जानकारी दी. सभी बिंदुओं को देखते हुए एसडीओ ने मुखे को आमसभा में शामिल होने की अनुमति देते हुए कार्यकारी प्रधान इंदरजीत सिंह और हरनेक सिंह को इससे अवगत कराया.
आमसभा में शामिल होने पहुंचे मुखे को दंड़ाधिकारी ने रोका, लेकिन हरनेक सिंह ने एसडीओ से बातचीत का हवाला देते हुए मुखे को गेट से अंदर कराया. इसके बाद मुखे ने हरनेक सिंह के हाथ में पकड़ी हुई वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाते हुए एसडीओ द्वारा अनुमति देने की बात का उल्लेख कराया.

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