जमशेदपुर : हर बार की तरह इस बार भी पेयजल विभाग आग लगे तब कुआं खोदने वाली कहावत को चरितार्थ करने की तैयारी में है. गर्मी की आहट के साथ अप्रैल में ही ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मच गयी है. जिले में तीन हजार से अधिक चापाकल खराब हैं. अब पेयजल विभाग के दोनों प्रमंडलों ने चापाकल मरम्मत का टेंडर निकाला गया है.
पेयजल विभाग ने जमशेदपुर प्रमंडल के अंतर्गत 620 और आदित्यपुर प्रमंडल में 122 बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत एक से दो माह के भीतर कराने का लक्ष्य रखा है. इसमें पोटका, पटमदा, बोड़ाम छोड़कर शेष आठ प्रखंडों में 245 बंद पड़े चापाकलों को चिह्नित किया है. बताया जा रहा है कि आठ प्रखंडों में वर्ष 2017-18 में चापाकल मरम्मत के लिए आवंटन भी था लेकिन राशि का समय रहते उपयोग नहीं किया गया.
जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता शिशिर सोरेन ने सामान्य गड़बड़ी के कारण बंद 245 चापाकलों की मरम्मत एक माह में कराने का निर्देश दिया है. राइजर पाइप, रड आदि की कमी के कारण बंद 375 चापकलों की मरम्मत दो माह में करा लिया जायेगा. 375 चापाकलों के मरम्मत पर 1.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे. आदित्यपुर प्रमंडल में 122 चापाकलों की मरम्मत पर 68.42 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.
