जमशेदपुर : जीएसटी के तहत 50 हजार से अधिक के माल का परिवहन करने के लिए इ-वे बिल अनिवार्य कर दिया है. एक अप्रैल से इंटर स्टेट इ- वे बिल लागू किया गया है, जबकि 1 जून से इंटरा स्टेट इ वे बिल लागू करने की याेजना है. इ- वे बिल काे व्यापारी संगठनाें द्वारा काफी सरल बताया जा रहा है, वहीं विभाग इस बात काे लेकर परेशान है कि काफी कम इ- वे बिल जेनरेट किये जा रहे हैं. राजस्व की कमी आैर इ- वे बिल जागरुकता काे ध्यान में रखते हुए विभाग की संयुक्त (वाणिज्य व सेंट्रल एक्साइज) टीम शहर से बाहर निकलनेवाले चाैक-चाैराहाें पर माल लाने-जाने वाले वाहनाें की जांच करेगी. पिछले दिनाें चलाये गये अभियान में बिना परमिट माल का परिवहन करनेवालाें से डेढ़ लाख से अधिक का राजस्व जुर्माना स्वरूप वसूला गया है.
एक्सपाेर्टर फाइल करेंगे एलयूटी. जीएसटी के तहत एक्सपाेर्टर काे एलयूटी (लेटर अॉफ अंडरटेकिंग) फाइल करना हाेगा. एलयूटी अॉन लाइन सबमिट करना पड़ेगा. जीएसटी काउंसिल-सरकार द्वारा जारी सर्कुलर से साफ हाे गया है कि एलयूटी अॉनलाइन भरने के बाद उसकी हार्ड कॉपी जमा कराने की जरूरत नहीं हाेगी. एक्सपाेर्टर के बीच इस बात काे लेकर गलतफहमी थी कि एलयूटी सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट आउट निकाल कर सभी दस्तावेजाें की हार्ड कॉपी जमा करानी हाेगी. नये सर्कुलर से साफ हाे गया है कि एलयूटी अॉनलाइन सबमिट करने के बाद एआरएन नंबर जारी हाेगा. जिसके बाद किसी तरह की हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं हाेगी.
