जमशेदपुर : दलमा बुरू दिसुआ सेंदरा समिति के महासचिव फकीर सोरेन ने बताया कि दिसुआ सेंदरा 23 अप्रैल को ही मनाया जायेगा. समिति की ओर से दिसुआ सेंदरा वीरों को आमंत्रण देना प्रारंभ कर दिया गया है. इस साल भी सेंदरा वीरों से हजारों की संख्या में दलमा की तलहटी में 22 अप्रैल को पहुंचने का आह्वान किया गया है. उम्मीद है कि इस बार गत साल से अधिक सेंदरा वीर आयेंगे.
उन्होंनें कहा कि दलमा बुरू सेंदरा समिति द्वारा दिसुआ सेंदरा वीर को दंडित करने की बात कहना उचित नहीं है. सेंदरा वीर जंगली-जंतु को शिकार करने के मकसद मात्र से नहीं आते हैं. वे खुद समझते हैं कि वर्तमान समय में शिकार को किस रूप में मनाया जाना चाहिए. आदिवासी स्वशासन व्यवस्था में सेंदरा सामाजिक पाठशाला भी है.
इसमें बड़े-बुजुर्गों से काफी कुछ सीखने व जानने को मिलता है. नयी पीढ़ी को वनों की महत्ता के बारे बताया जाता है. इस दौरान समाज की विभिन्न समस्याओं पर भी सामूहिक चिंतन-मंथन होता है. इसलिए इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए न कि उन्हें सेंदरा में आने से मना करना चाहिए.
