19 मई 2017 को दो भाई, दादी और दोस्त को लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला था
सोमवार को भी मामले का एडीजे-4 की कोर्ट में होगा जिरह
जमशेदपुर : बागबेड़ा के नागाडीह में बच्चा चोरी की अफवाह में एक महिला समेत चार युवकों की हत्या के मामले में शनिवार को वादी उत्तम कुमार वर्मा से एडीजे-4 की अदालत में जिरह जारी रही. अपने बयान में उत्तम कुमार वर्मा ने कोर्ट को बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद बागबेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची. मोबाइल वाहन भी आया, लेकिन पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया.
पुलिस के आने पर भी विकास, गौतम, गंगेश और दादी राम सखी देवी की जान नहीं बच सकी.
उत्तम ने बताया कि 19 मई की शाम 7.45 बजे वह विकास व गौतम के साथ नागाडीह से काम करके लौट रहा था. तभी नागाडीह में उन्हें करीब दर्जन भर लोगों ने लाठी-डंडा दिखा कर रोक लिया. लोग उनके साथ मारपीट कर रहे थे, तभी पुलिस भी आ गयी थी. पहले पुलिस ने सभी को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग भड़क गये.
नागाडीह के लोग पुलिस की बात नहीं सुन रहे थे. तीनों की लगातार पिटाई की जा रही थी. समय का अभाव होने के कारण शनिवार को जिरह पूरी नहीं हो सकी, सोमवार को भी मामले में उत्तम कुमार वर्मा से जिरह जारी रहेगी.
कोर्ट ने व्यवसाय के बारे में ली जानकारी : उत्तम कुमार वर्मा के प्रति परीक्षण के दौरान कोर्ट ने उसके व्यवसाय के बारे में भी जानकारी ली. इस दौरान उत्तम ने कोर्ट को बताया कि वह जुगसलाई नया बाजार में रहते हैं और उनका प्लास्टिक रीसाइक्लिंग का कारोबार है.
एफआइआर को पढ़ने के बाद खुद किया हस्ताक्षर : उत्तम कुमार वर्मा ने एडीजे- 4 की अदालत में बचाव पक्ष के अधिवक्ता के सवालों का ेउत्तर देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे एफआइआर को पढ़ने के बाद सोच समझ कर हस्ताक्षर किया है.
हस्ताक्षर के लिए कोई जर्बदस्ती उसके साथ नहीं की गयी है. मामले से जुड़े जिन आरोपियों का नाम उसने बताया है वही किसी के दबाव में आकर नहीं बताया.
‘सभी बच्चा चोर हैं मारो और यहीं फैसला कर दो’
उत्तम कुमार वर्मा ने जिरह के दौरान कोर्ट को बताया कि नागाडीह के लोगों ने जब उन्हें घेर लिया तो वह उसने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के लोग यह कहकर चिल्ला रहे थे कि सभी बच्चा चोर हैं. इनकी कोई बात मत सुनो. सभी को मारकर यहीं फैसला करने की बात लोग कह रहे थे. लोगों को आक्रोशित को देखकर उनलोगों ने अपना पहचान पत्र भी दिखाया, बावूजद उन्हें लोग बच्चा चोर बताकर मारते रहे. पहचान पत्र और घर का पता दिखाने के बाद भी लोगों ने मौके पर मौजूद परिवार के लोगों को भी जाने नहीं दिखा. पहचान पत्र दिखाने के बाद भी भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पहचान पत्र को गलत बताया.
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