जुस्को व जूलॉजिकल पार्क साेसायटी की संयुक्त कमेटी रख रही नजर
स्थानीय वेटनरी लैब में बाघ का ब्लड सैंपल जांच कराने के निर्णय सही : प्रवक्ता
जमशेदपुर : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में दो बाघों (18 मार्च और 25 मार्च) की मौत के बाद तीन वाइल्ड लाइफ हेल्थ एक्सपर्ट की सेवा ली जा रही है. सोसायटी की ओर से टाटा स्टील के प्रवक्ता अमरेश सिन्हा ने बताया कि डॉ एम नवीन कुमार, डॉ एबी श्रीवास्तव और डॉ निरंजन साहू को एक्सपर्ट के रूप में लिया गया है. बड़े जानवरों के स्वास्थ्य पर यह टीम नजर रख रही है. उन्होंने वेटनरी डॉक्टर से बाघ का ब्लड सैंपल की जांच कराने के निर्णय को भी सही करार दिया. उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम को बेबिसिओसिस के लिए रिस्क एरिया कहा जाता है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटनरी एपिडेमियोलॉजी एंड डिजिज, बेंगलुरु की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जमशेदपुर में जितने भी वेटनरी और पशुपालन विभाग के चिकित्सक हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी होती है कि बेबिसिओसिस की जांच व इलाज कैसे होता है. अमरेश सिन्हा ने बताया कि इस लिहाज से स्थानीय वेटनरी लैब से जांच कराने का फैसला सही था.
उन्होंने कहा कि बेबिसिओसिस के लक्षण से चिड़ियाघर के जो वेटनरी जानकार हैं, वे वाकिफ हैं और उसे देखते हुए तत्काल सभी बाघों को वह दवा दी गयी थी. दवा शुरू करने के बाद जो ब्लड रिपोर्ट आयी, वह पाॅजिटिव थी. यह दर्शता है कि जो जानकारी का लेवल चिड़ियाघर में है, वह सही है. जहां तक इलाज की बात है, तो डॉ एम नवीन कुमार, डॉ एबी श्रीवास्तव, डॉ बीएम अरोरा, डॉ गौरव श्रीवास्तव और डॉ निरंजन साहू जैसे देश के प्रसिद्ध चिकित्सकों की मदद ली जा रही है.
चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन और सेंट्रल जू अथॉरिटी के आदेश पर ही ब्लड सैंपल भुवनेश्वर के वेटनरी साइंस व पशुपालन विभाग के कॉलेज के अलावा कोलकाता के इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड वेटनरी बायोलॉजिकल में जांच के लिए भेजा गया है. जिसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है. वन विभाग की जांच की जानकारी ने टाटा स्टील के प्रवक्ता ने इनकार किया है. उन्होंने बताया कि जुस्को और जू की संयुक्त कमेटी बनायी गयी है, जो लगातार बेबिसिओसिस से बचाव के लिए उपाय चिड़ियाघर में कर रही है.
