जमशेदपुर : चिड़ियाघर प्रबंधन ने घोर लापरवाही बरतते हुए बाघ शावक को हुई बीमारी की जांच खासमहल के एक ऐसे लैब में करा दी, जिसको खुले हुए अभी छह माह हुए है. खासमहल चारखंभा क्षेत्र की गली में स्थित पायनियर वेट लैब के संचालक डॉ जे नारायण खुद भी मान रहे हैं कि उनकी लैब में पहली बार किसी जंगली जानवर के रक्त के नमूने की जांच की गयी. लंबे समय से वेटनरी की प्रैक्टिस कर रहे डॉ नारायण ने बताया कि 18 मार्च को चिड़ियाघर प्रबंधन की ओर से चिकित्सक डॉ एम पालित का फोन आया और बाघ के रक्त की जांच कराने की बात कही. उसके बाद ब्लड सैंपल दिया गया. जांच में बेबिसिओसिस पाया गया था. उसके बाद ही इलाज हुआ. डॉक्टर ने आशंका जतायी कि हो सकता है कि जांच में बेिबसिओसिस के प्रोटोजोअा नहीं पाये गये हों.
नये लैब में पहली बार जंगली जानवर के ब्लड की जांच
जमशेदपुर : चिड़ियाघर प्रबंधन ने घोर लापरवाही बरतते हुए बाघ शावक को हुई बीमारी की जांच खासमहल के एक ऐसे लैब में करा दी, जिसको खुले हुए अभी छह माह हुए है. खासमहल चारखंभा क्षेत्र की गली में स्थित पायनियर वेट लैब के संचालक डॉ जे नारायण खुद भी मान रहे हैं कि उनकी लैब […]
