दस्तावेजों में न उलझ जाये लीज बंदोबस्ती

जमीन सरकार की, कागज की पर्ची बना कर समिति और लोगों ने बेच दी जमीन कैंप से निराश होकर लौट रहे हैं दर्जनों की संख्या में लोग, तलाश रहे विकल्प जमशेदपुर : बिरसानगर में आयोजित लीज बंदोबस्ती कैंप में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदक मायूस लौट रहें है. […]

जमीन सरकार की, कागज की पर्ची बना कर समिति और लोगों ने बेच दी जमीन

कैंप से निराश होकर लौट रहे हैं दर्जनों की संख्या में लोग, तलाश रहे विकल्प
जमशेदपुर : बिरसानगर में आयोजित लीज बंदोबस्ती कैंप में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदक मायूस लौट रहें है. ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने 1985 से पहले स्थानीय स्तर पर किसी समिति अथवा व्यक्ति से जमीन खरीदी अौर उस दौरान 1985 के पूर्व से रहने का सरकारी मान्यता प्राप्त कोई दस्तावेज नहीं बना सके, ऐसे लोगों को कैंप से निराशा हाथ आ रही है. समिति या स्थानीय व्यक्ति के साथ किये गये एग्रीमेंट को सरकारी दस्तावेज की मान्यता नहीं है. इस कारण योग्य होने के बावजूद कई लाभुक आवेदन नहीं दे पाये.

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