चिड़ियाघर की व्यवस्था देखने पहुंचे वीपी काॅरपोरेट सर्विसेज सुनील भास्करन
भुवनेश्वर में भी होगी मृत बाघों के ब्लड सैंपल की जांच
जमशेदपुर : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में दो बाघों की मौत के बाद प्रबंधन ने अलर्ट जारी किया है. चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन एलआर सिंह ने चिड़ियाघर प्रबंधन को एडवाइजरी जारी कर सभी जानवरों पर नजर रखने और उनके स्वास्थ्य की निरंतर जांच करने को कहा है.
इसके बाद से सीसीटीवी से जू के जानवरों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. चार बाघ (एक नर जो सफेद बाघ है और तीन मादा, जिसमें दो शावक हैं) पर खास ध्यान रखा जा रहा. दूसरी ओर, बुधवार को टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट काॅरपोरेट सर्विसेज सुनील भाष्करन चिड़ियाघर पहुंचे. उन्होंने जू निदेशक विपुल चक्रवर्ती और चिकित्सक डॉ एम पालित से बातचीत कर पूरी जानकारी ली. इसके अलावा सेंट्रल जू अथॉरिटी की दो सदस्यीय टीम यहां आ रही है, जो बाघों की मौत की जांच करेगी.
बाघों का ब्लड सैंपल बेंगलुरु के इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल एंड वेटनरी साइंसेस में भेजने का निर्देश दिया गया है. चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन एलआर सिंह ने भी भुवनेश्वर के वेटनरी कॉलेज में ब्लड सैंपल भेजकर उसकी जांच कराने का निर्देश दिया है ताकि बाघों की मौत के कारणों का पता लगाया जा सके. वहीं, डीएफओ शबा आलम अंसारी ने भी ब्लड सैंपल की जांच रांची वेटनरी कॉलेज में कराने की बात कही है.
जू में बेहतर व्यवस्था की जा रही है : वीपी सीएस
वीपी काॅरपोरेट सर्विसेज सुनील भाष्करन ने बताया कि जू में बेहतर व्यवस्था की जा रही है. जानवरों में बेबेसिओसिस का फैलाव रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जा रहे है. फिलहाल स्थिति संतोषप्रद है.
अन्य जानवर में फैलाव नहीं : डायरेक्टर
चिड़ियाघर के डायरेक्टर विपुल चक्रवर्ती ने बताया कि किसी अन्य जानवर में बेबेसिओसिस नहीं फैला है. जानवर काफी सेंसेटिव होते है, यह गाय और भैंस की तरह नहीं होते हैं कि कभी भी इंजेक्शन लगा दिया जाये. जो गाइडलाइन है और उनके स्वास्थ्य के लिए जो बेहतर है, वह कदम उठाया जा रहा है. उच्चस्तरीय चिकित्सकों की टीम भी आ रही है और सेंट्रल जू ऑथोरिटी के साथ झारखंड सरकार के सहयोग से जानवरों को सुरक्षित रखा जा रहा है. फिलहाल सभी बाघों की स्थिति बेहतर है.
