जमशेदपुर: बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पंप हाउस का मोटर खराब होने के कारण गुरुवार की सुबह जलापूर्ति भी जलापूर्ति नहीं हो पायी. इससे कॉलोनी के 809 मकानों में रहने वाले लोगों को दूसरे दिन भी पेयजल के लिए किल्लत ङोलनी पड़ी. उधर खराब पड़े 25 एचपी के मोटर को मरम्मत के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी आदित्यपुर ले गये. गुरुवार को यहां नया लगाये गये 40 एचपी के मोटर से जलापूर्ति का प्रयास किया गया जो पूरी तरह विफल साबित हुआ.
बागबेड़ा में जलापूर्ति के वर्तमान संकट के लिए पूरी तरह इंजीनियरिंग चूक को कारण बताया जा रहा है. पेयजल यांत्रिक विभाग ने यहां पूर्व में चल रहे 25 एचपी के मोटर के स्टैंडबाई में 40 एचपी का पंप-मोटर लगवाया था. यह इंजीनियरिंग चूक का ही नतीजा है कि जहां 25 एचपी का पुराना मोटर यहां की वर्तमान 50,000 गैलन क्षमता की टंकी को मात्र 3.15 घंटे में भर देता है वहीं नया उच्च क्षमता का लगाया गया 40 एचपी का मोटर इसी टंकी को सात घंटे में भी नहीं भर पा रहा.
पंप का हेड बना परेशानी
तकनीकी जानकारों के अनुसार नया 40 एपी के पंप मोटर में लगा 60 मीटर का हेड परेशानी का मुख्य कारण है. तकनीकी रूप से हेड मोटर की क्षमता व डिस्चार्ज के अनुसार होना था, जिसके अनुसार यह अधिकतम 40 मीटर ही होना चाहिए था.
