...तो स्टील से भी मजबूत मेटल बनायेगा टाटा स्टील, आयरन ओर की नहीं होगी जरूरत

जमशेदपुर : आयरन ओर के बगैर स्टीलसेभी मजबूत मेटल बन सकता है. स्टील के विकल्प के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जो पानी से खराब भी नहीं होगा और स्टील की तरह चमकता रहेगा. टाटा स्टील को ऐसी तकनीक ईजादकरनेमें आंशिकसफलता मिल गयी है. कंपनी की ओर से इस दिशा में शोध […]

जमशेदपुर : आयरन ओर के बगैर स्टीलसेभी मजबूत मेटल बन सकता है. स्टील के विकल्प के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जो पानी से खराब भी नहीं होगा और स्टील की तरह चमकता रहेगा. टाटा स्टील को ऐसी तकनीक ईजादकरनेमें आंशिकसफलता मिल गयी है. कंपनी की ओर से इस दिशा में शोध किया जा रहा है. उम्मीदहै कि यह शोध वर्ष 2018 तक पूरा हो जायेगा.

स्टील के नये विकल्प की तलाशपर बाकायदा एक टीम काम कर रही है. इसके तहत टाटा स्टील ने एक वाइस प्रेसिडेंट स्तर के अधिकारी को तैनात किया गया है, जिसका पदनाम वीपी न्यू मेटेरियल बिजनेस रखा गया है. डॉ देवाशीष भट्टाचार्य के नेतृत्व में इस टीम ने काम करना शुरू कर दिया है. एक सितंबर से इनका पदस्थापन किया गया है और उनके साथ चीफ न्यू मेटेरियल बिजनेस मैरियो वैन विंगरे को तैनात किया गया है, जो नीदरलैंड से काम करेंगे. श्री मैरियो ने उतक्रेस्ट यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री की डिग्री हासिल की है.


इसके अलावा एमबीए की पढ़ाई भी उन्होंने नीदरलैंड के बिजनेस यूनिवर्सिटी से की है. इसके अलावा इन दोनों अधिकारियों के साथ रिसर्चर भारद्वाज भागवती को तैनात किया गया है, जबकि सीनियर मैनेजर स्ट्रैटेजिक रिसर्च अमिताभ दास को भी उनके अधीन लाया गया है, जो खोज को आगे बढ़ायेंगे.

एक अक्तूबर 2017 से अधिकारियों की पूरी टीम ने काम करना शुरू कर दिया है. एनएमएल जैसी संस्थानों के अलावा कई अन्य संस्थानों के लोगों को भी इसके जरिये जोड़ा जा रहा है ताकि इसका शोध पूरा हो सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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