जमशेदपुर के MGM अस्‍पताल में 61 शिशुओं की मौत के बाद मानवाधिकार आयोग ने सरकार को भेजा नोटिस

जमशेदपुर : पिछले दिनों जमशेदपुर के महात्‍मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 50 से अधिक शिशुओं की मौत पर संज्ञान लेते हुए राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया है. मानवाधिकार आयोग ने सरकार से सवाल किया है कि क्‍यों इतने शिशुओं की मौत हुई. पहली बार ही शिशुओं […]

जमशेदपुर : पिछले दिनों जमशेदपुर के महात्‍मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 50 से अधिक शिशुओं की मौत पर संज्ञान लेते हुए राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया है. मानवाधिकार आयोग ने सरकार से सवाल किया है कि क्‍यों इतने शिशुओं की मौत हुई. पहली बार ही शिशुओं की मौत के बाद अस्‍पताल ने अपनी व्‍यवस्‍था में सुधार नहीं किया.

आपको बता दें कि एमजीएम अस्पताल में (जुलाई और 28 अगस्त तक) 59 दिनों के अंदर 61 बच्चों की मौतें हुईं है, इनमें 33 बच्चियां और 28 बच्चे हैं. एमजीएम से मिले आंकड़ों से इस बात का खुलासा हुआ. दूसरी ओर अस्पताल में बाहर से रेफर होकर आये बच्चों की ज्यादा संख्या में मौतें हुई है. आंकड़ों के अनुसार जुलाई में 12 बच्चे, जिनका एमजीएम अस्पताल में जन्म हुआ और उसकी मौत हो गयी.

वहीं 24 ऐसे बच्चों की मौत हुई है, जिसको दूसरे जगहों से लाकर एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. साथ ही 28 अगस्त तक 12 वैसे बच्चे की मौत हो गयी, जिसका एमजीएम अस्पताल में जन्म हुआ और इलाज के दौरान मौत हो गयी. वहीं दूसरी ओर इस दौरान रेफर हो कर आये 13 बच्चों की मौत इलाज के दौरान हुई है.

एमजीएम के अधीक्षक डॉ बी भूषण का कहना है कि बाहर से रेफर होकर आये बच्चों की स्थिति ज्यादा खराब रहती है. साथ ही रेफर होकर आने वाले बच्चों में अधिकतर कम वजन, बर्थ एस्फिक्सिया के शिकार बच्चे होते हैं. साथ ही कई बच्चे इंफैक्शन से ग्रसित होते हैं. उन्होंने कहा कि अस्पताल जितने भी बच्चों की मौत हुई है, उसमें सबसे ज्यादा कम वजन वाले बच्चे शामिल हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >