कुड़मी बहुल क्षेत्र में गैर कुड़मी शिक्षक को ज्वाइन करने का होगा पूरजोर विरोध

कुड़मी बहुल क्षेत्रों के स्कूलों में गैर कुड़मी व वैसे शिक्षक जिनको कुड़माली भाषा की जानकारी नहीं है, उसे आदिवासी कुड़मी समाज स्कूल में ज्वाइन करने नहीं देगा. पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावां जिला कुड़मी बहुल क्षेत्र है. इसलिए कुड़माली भाषा शिक्षकों की सभी स्कूलों में स्थायी नियुक्ति दिया जाये.

जमशेदपुर: कुड़मी बहुल क्षेत्रों के स्कूलों में गैर कुड़मी व वैसे शिक्षक जिनको कुड़माली भाषा की जानकारी नहीं है, उसे आदिवासी कुड़मी समाज स्कूल में ज्वाइन करने नहीं देगा. पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला-खरसावां जिला कुड़मी बहुल क्षेत्र है. इसलिए कुड़माली भाषा शिक्षकों की सभी स्कूलों में स्थायी नियुक्ति दिया जाये.यह बातेें आदिवासी कुड़मी समाज के केंद्रीय प्रवक्ता व झारखंड आंदोलनकारी हरमोहन महतो ने कही. उन्होंने कहा कि 2011 में तत्कालीन झारखंड सरकार ने कुड़माली भाषा को द्वितीय राज्यभाषा में मान्यता दी है. वर्तमान में कोल्हान विश्वविद्यालय में कुडमाली भाषा का अलग से विभाग खुला हुआ है. फिर भी वर्तमान राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा शिक्षक नियुक्ति में कुडमाली भाषा शिक्षकों की नियुक्ति नहीं दे रही है. जो काफी चिंता का विषय है. कुड़मी समाज को हाशिये पर रखने का आरोप हरमोहन महतो ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला में जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा नियुक्ति में संताली भाषा में 11, मुंडारी भाषा में 1, भूमिज भाषा में 6, बांग्ला भाषा मेें 81 शिक्षक का नियुक्ति होना है. लेकिन कुड़माली भाषा में एक भी शिक्षक के नियुक्ति की घोषणा नहीं की गयी है, इससे आदिवासी कुड़मी समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. कुड़मी समाज को हाशिये में रखने का प्रयास हो रहा है. यह बिलकुल बरदाश्त नहीं किया जायेगा. कुड़मी समाज के लोगों ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई में शहादत दिया. लेकिन राज्य बनने के बाद हर स्तर पर कुड़मी समाज को पीछे रखा गया. कुड़मी समाज की सहनशीलता की हद पार हो गयी है. अब चुप नहीं बैठेंगे. हक व अधिकार मिलने की आस में समाज के लोग बैठे हुए हैं. लेकिन कुछ लोग उनकी हकमारी के लिए पहले से ही तैयार बैठे हैं.

जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में करेंगे विरोध प्रदर्शन
झारखंड सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों नियुक्ति की घोषणा की गयी है. लेकिन शिक्षक नियुक्ति में कुड़माली भाषा शामिल नहीं किया गया है. इसको लेकर आदिवासी कुड़मी समाज में आक्रोश व्याप्त है. शुक्रवार को आदिवासी कुड़मी समाज के लोग जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर कुड़माली भाषा शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग करेंगे. यह जानकारी आदिवासी कुड़मी समाज के सह संयोजक प्रकाश महतो ने दी. उन्होंने बताया कि भाषाई सर्वे में कहीं न कहीं चूक हुई है. पूर्वी सिंहभूम जिला कुड़मी बहुल क्षेत्र है. बावजूद इसके कुड़मी समाज को हाशिये पर रखना समझ से परे हैं. सर्वे में हुई चूक को अविलंब सुधार किया जाये और कुड़माली भाषा शिक्षकों को नियुक्ति दिया जाये.

कुड़मी समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर
आदिवासी कुड़मी समाज के सह संयोजक प्रकाश महतो ने कहा कि कुड़माली भाषा शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है आदिवासी कुड़मी समाज आंदोलन को वृहद रूप देने को मजबूर होगा. फिलहाल कुड़मी समाज द्वारा जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में अपनी बातों को रखा जा रहा है. इसके बावजूद मांग को पूरा नहीं किया गया तो मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाया जायेगा. साथ ही राज्य स्तर पर आंदोलन भी किया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Dashmat Soren

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >