पांच दिवसीय झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आगाज 27 सितंबर से

यह महोत्सव झारखंड की जनजातीय संस्कृति को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने का प्रयास है. जेएनएफएफ न केवल एक फिल्म फेस्टिवल है, बल्कि यह झारखंड की अनमोल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है.

जमशेदपुर: झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (जेएनएफएफ) का पांच दिवसीय आयोजन 27 सितंबर से प्रारंभ होगा. सिने अवार्ड समारोह का आयोजन 1 अक्टूबर को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान या एक्सएलआरआई प्रेक्षागृह में होगा. फिल्म फेस्टिवल झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा. इसके साथ ही सिने प्रेमियों को देश-विदेश के फिल्मों को भी देखने का मौका मिलेगा. आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के प्रेक्षागृह में चयनित फिल्मों का पब्लिक स्क्रीनिंग होगा. महोत्सव का शुभारंभ झारखंड की जनजातीय भाषाओं में बनी फूललेंथ मूवी से किया जाएगा. इसके अलावा, प्रत्येक दिन पब्लिक स्क्रीनिंग के साथ-साथ झारखंड की भाषा-संस्कृति की विशिष्ट झलक भी प्रस्तुत की जाएगी. इस महोत्सव में नागपुरी, संताली, मुंडारी, खोरठा, भूमिज और अन्य जनजातीय भाषाओं के कलाकार अपने नृत्य, गीत और संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे. इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड की पारंपरिक धुनें और नृत्य शैलियां एक बार फिर जीवंत हो उठेंगी, जिससे न केवल क्षेत्रीय कलाओं का संरक्षण होगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का सुअवसर मिलेगा. यह जानकारी जेएनएफएफ के संस्थापक राजू मित्रा व संजय सतपथी ने बिष्टुपुर जमशेदपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दी.

31 जुलाई तक होगी फिल्मों की इंट्री

जेएनएफएफ के संस्थापक राजू मित्रा व संजय सतपथी ने बताया कि फिल्म महोत्सव में फिल्मों की इंट्री की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गयी है. इस वर्ष भारत के विभिन्न राज्य के अलावे यूनाइटेड स्टेट, जर्मनी, ब्राजील, आयरलैंड, इटली व जापान आदि देशों से फिल्मों की इंट्री हो चुकी है. इस महीने के अंत तक अन्य देशों से भी इंट्री आने की उम्मीद है.

झॉलीवुड इंडस्ट्री के कलाकार मंच को साझा करेंगे

सिने अवार्ड समारोह में सतरंगी कार्यक्रम के बीच कई केटेगरियों को बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर, बेस्ट एक्ट्रेस व बेस्ट डायरेक्टर सरीखे पुरस्कार का वितरण किया जायेगा. इसी बीच कलाकार डांस-मस्ती का तड़कालगायेंगे. वहीं झॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता व अभिनेत्री भी मंच को साझा करेंगे. वे अपनी अद्वितीय प्रस्तुतियों से मंच को कला की खुशबू से महकाएंगे.

झारखंड की अनमोल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

यह महोत्सव झारखंड की जनजातीय संस्कृति को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाने का प्रयास है.जेएनएफएफ न केवल एक फिल्म फेस्टिवल है, बल्कि यह झारखंड की अनमोल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है. इस महोत्सव को सफल बनाने में संरक्षक में भरत सिंह, सुखदेव महतो, पूर्वी घोष, अरुण बाकरेवाल, एडवाइजरी बोर्ड से संजय पांडेय, गगन रस्तोगी, कन्हैया लाल, जया सिंह, दीपिका बनर्जी आदि दे रहे हैं. वहीं क्रियेटिव हेड व जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी की मास कॉम की शिक्षिका शालिनी प्रसाद, डायरेक्टर उदय सतपथी, नवीन प्रधान, शिवांगी सिंह, राज प्रामाणिक, सुधीर महतो, अभिषेक सारंगी, बबली दत्ता जैसे टेक्निकल सदस्य भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं.

-27 सितंबर को झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शुभारंभ

फिल्म महोत्सव: एक नजर में

-28 से 30 सितंबर तक फेस्टिवल में चयनित फिल्मों का पब्लिक स्क्रीनिंग

-1 अक्टूबर को झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का सिने अवार्ड समारोह

-झारखंड राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शुभारंभ व फिल्मों का पब्लिक स्क्रीनिंग आदित्यपुर श्रीनाथ यूनिवर्सिटी प्रेक्षागृह में

-सिने अवार्ड समारोह का आयोजन बिष्टुपुर गोपाल मैदान या एक्सएलआरआइ प्रेक्षागृह में

-फिल्मों की इंट्री की अंतिम तिथि-31 जुलाई

-झारखंड की जनजातीय भाषाओं में बनी फिल्मों की इंट्री को नि:शुल्क कर दिया गया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Dashmat Soren

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >