आदिवासी युवाओं ने सिदो-कान्हू समेत अन्य महापुरुषों के बलिदान को याद करने के लिए निकाली मोटरसाइकिल रैली

हूल दिवस पर वीर सिदो-कान्हू समेत तमाम वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने व उनकी वीरता की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिल रैली निकाली.

जमशेदपुर: झारखंड आदिवासी युवा संगठन की ओर से रविवार को हूल दिवस पर वीर सिदो-कान्हू समेत तमाम वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने व उनकी वीरता की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिल रैली निकाली. रैली का शुभारंभ करनडीह स्थित आदिवासी कल्याण छात्रावास कैंपस से किया गया. यह रैली करनडीह से प्रारंभ होकर सुंदरनगर होते हुए खुकड़ाडीह से स्टेशन, बिष्टुपुर, साकची पहुंची. जहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उसके बाद रैली साकची, एग्रिको सिग्नल, बारीडीह, बिरसानगर संडे मार्केट पहुंची. यहां बिरसा बुरू में भगवान बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद टिनप्लेट, केबुल कंपनी गेट, बर्मामाइंस, टाटानगर स्टेशन चौक होते हुए पुन: करनडीह आदिवासी कल्याण छात्रावास पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गयी. झारखंड आदिवासी युवा संगठन ने वीर शहीदों के सम्मान में 1000 से अधिक मोटरसाइकिल के रैली निकाला. मोटरसाइकिल रैली में युवा छात्र के साथ आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख माझी बाबा, मानकी बाबा, पारानिक बाबा आदि भी शामिल हुए. मोटरसाइकिल रैली को सफल बनाने में प्रो संजीव मुर्मू, इंद्र हेंब्रम, सुकरा हो, देवीलाल टुडू, आनंद बेसरा, सुरेश हांसदा, मानस सरदार, सनातन हेंब्रम, अनिल मार्डी, कल्याण मार्डी, लालबाबू मार्डी, लखन हेंब्रम, महेश बास्के समेत अन्य ने योगदान दिया.

आदिवासियों की आबादी करोड़ों में, फिर भी सरना धर्म कोड नहीं मिलना समझ से परे : परगना बाबा
जुगसलाई तोरोफ परगना दशमत हांसदा ने कहा कि हम अपने महापुरूषों के बताये व दिखाये राह को भूल गये हैं. जिसकी वजह से आदिवासियों की स्थिति राज्य में बद से बदत्तर होती चली जा रही है. आदिवासियों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में सबसे पहले आंदोलन का बिगुल फूंका था और अंग्रेजी हुकूमत को भगाने का काम किया था. लेकिन देश आजाद होने के बाद आदिवासी को हाशिये रख दिया गया. यह बातें जुगसलाई तोरोफ परगना दशमत हांसदा ने करनडीह स्थित आदिवासी छात्रावास प्रांगण में आयोजित मोटरसाइकिल रैली के समापन व जनसभा में कही. उन्होंने कहा कि देश में आदिवासियों की आबादी करोडों में है. लेकिन उनको संवैधानिक पहचान के रूप में सरना धर्म कोड नहीं मिला है. जो चिंता का विषय है. केंद्र सरकार आदिवासियों को अविलंब सरना कॉलम कोड देने का काम करे, अन्यथा उन्हें भी आदिवासी युवाओं के हूल का सामना करना पड़ेगा. संताली भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल है, बावजूद इसके राज्य मेें अभी तक प्रथम राजभाषा का दर्जा नहीं देना समझ से परे है.

करनडीह-किनूडीह में महिलाओं ने सिदो-कान्हू को नमन किया
करनडीह किनूटोला में जुमिद मारसाल महिला समिति की ओर से सिदो-कान्हू हूल दिवस समारोह मनाया गया. सुबह में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज से सिदो-कान्हू की पूजा अर्चना कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया. सभी महिलाओं ने उनके चरणों में पुष्प अर्पित कर उनसे आशीष मांगा. पूजा अर्चना के बाद मैट्रिक व इंटर पास छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. इसके साथ ही पारंपरिक नृत्य व गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. वहीं शाम सोमाज सिंगराई व रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर किनूडीह के माझी बाबा रेंटा सोरेन, मुखिया मिर्जा हांसदा, साकरो सोरेन, डुमनी मार्डी, रैमत सोरेन, संक्रांति मार्डी, सीता मार्डी, धनी सोरेन, छीता सोरेन, हीरा सोरेन, सुगी मार्डी, माया सोरेन, सलमा सोरेन, मानमाई हांसदा, चंपा मुर्मू, चांदनी, लक्ष्मी, बांगी सोरेन, हिसी टुडू, बाल्ही टुडू, सुनीता टुडू, संगीता मार्डी समेत अन्य मौजूद थे.

रानीडीह में हूल दिवस पर छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री बांटा गया
जमशेदपुर प्रखंड के मध्य घाघीडीह पंचायत के रानीडीह कोकेटोला में हूल दिवस समारोह मनाया गया. सर्वप्रथम सिदो-कान्हू की तसवीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया. इसके बाद संस्कार केंद्र जटाझोपड़ी व संताली क्लास रानीडीह की ओर छात्रों को पाठ्य सामग्री वितरित किया गया. साथ ही संताली भाषा की परीक्षा में अव्वल आने वाले छात्रों को रिजल्ट कार्ड व केंद्र के टॉपर को पुरस्कार प्रदान किया गया. इस अवसर पर मुखिया सुनील किस्कू, जमशेदपुर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू, मंजू बास्के, कपरा मुर्मू, सुशीला टुडू, माझी आयो, प्रमिला किस्कू, उषा सिंकू, सुकलाल टुडू, संजय मुर्मू, कारू हांसदा, अभिषेक सिंकु, रसू लोहार, पूजा मुर्मू, निक्की बारदा, लक्ष्मी हांसदा, सुष्मिता आदि उपस्थित थे.

हलुदबनी में हूल दिवस पर 90 यूनिट रक्त संग्रहित
परसुडीह हलुदबनी में हूल दिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर में 90 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. इसका आयोजन संपूर्ण हलुदबनी ग्राम पंचायत प्रतिनिधि की ओर से किया गया था. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि एसडीओ पारुल सिंह एवं विशिष्ट अतिथि विधायक मंगल कालिंदी, जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष-राजकुमार सिंह, वीबीडीए के संस्थापक सदस्य सुनील मुखर्जी, चंद्रशेखर खां व जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मलिक मल्लिक, पूर्व विधायक रामचंद्र सहिस, सेवा ही लक्ष्य के अध्यक्ष मानिक मल्लिक व समाजसेवी राजेंद्र साह मौजूद थे. इस अवसर पर साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता मानसिंह माझी, प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन, मुखिया संघ की कार्यकारी अध्यक्ष सरस्वती टुडू, कान्हू मुर्मू, जोबा मार्डी, राकेश मुर्मू, सुनील किस्कू, मुखिया पानो मुर्मू, मुखिया सालगे सोरेन, मुखिया सुमन सिरका, मुखिया अजीत भूमिज, पंचायत समिति सदस्य स्वपना बेरा, आरती करवा, रैना पूर्ति, सिनी सोय, रूबी टोपनो, रुक्मणि हेंब्रम, बाली सोरेन, राजेश गुप्ता समेत अन्य मौजूद थे.

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Author: Dashmat Soren

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