ड्रिप इरिगेशन व मलचिंग सिस्टम पर दो दिवसीय प्रशिक्षण

कृषि विशेषज्ञ राहुल कुमार ने प्रतिभागियों को बताया कि ड्रिप सिंचाई या ड्रिप इर्रिगेशन, सिंचाई की एक विशेष विधि है

बरकट्ठा. प्रखंड के चामुदोहर स्थित मानव विकास संस्था के कृषक गुरुकुल में ड्रिप इरिगेशन (टपक विधि) एवं मलचिंग सिस्टम पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कृषि विशेषज्ञ राहुल कुमार ने प्रतिभागियों को बताया कि ड्रिप सिंचाई या ड्रिप इर्रिगेशन, सिंचाई की एक विशेष विधि है, जिसमें पानी और खाद की बचत होती है. इस विधि में पानी को पौधों की जड़ों पर बूंद-बूंद कर टपकाया जाता है. इस कार्य के लिए वाल्व, पाइप, नलियों तथा एमिटर का नेटवर्क लगाना पड़ता है. जिसे टपक सिंचाई या बूंद-बूंद सिंचाई भी कहते हैं. उन्होंने प्रैक्टिकल कर सभी विधियों की जानकारी दी. बताया कि अगर कोई किसान ड्रिप सिंचाई या मलचिंग सिस्टम को लगवाना चाहते हैं, तो 90 प्रतिशत सब्सिडी के साथ इसे लगा सकते हैं. जिसे लेने वाले किसान की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए. उनके पास कम से कम 15 कट्ठा जमीन होना चाहिए. प्रशिक्षण को सफल बनाने में रॉबिन कुमार, राहुल कुमार, मारिया दास बास्के, अंजू, कार्तिक महतो समेत अन्य की भूमिका सरहानीय रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >