पारंपरिक रामनवमी से ही हजारीबाग की पहचान को मजबूती : भुनेश्वर मेहता

डीजे, नशाखोरी और हथियारों के खतरनाक प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग

हजारीबाग. हजारीबाग की इंटरनेशनल रामनवमी इस वर्ष शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण संपन्न हुई. यह बातें झारखंड विस्थापित संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने इसके लिए सभी संबंधित संगठनों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को बधाई दी. उन्होंने कहा कि रामनवमी महासमिति, रामनवमी संरक्षण समिति सहित अनेक सामाजिक संगठनों तथा हजारीबाग जिला प्रशासन के समन्वित प्रयास से यह विशाल आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका. श्री मेहता ने कहा कि रामनवमी जुलूस के दौरान चार लोगों की मौत और लगभग 1000 लोग घायल हुए, जो दुखद और चिंताजनक है. वहीं विष्णुगढ़ की हृदय विदारक घटना ने पूरे हजारीबाग को शर्मसार किया. उन्होंने इन घटनाओं के लिए डीजे संस्कृति, नशाखोरी और खतरनाक तरीके से शस्त्र के प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया. प्रशासन से अपील की कि ऐसे खतरनाक प्रदर्शनों पर सख्ती से रोक लगायी जाये. उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशापान, खासकर शराब और ब्राउन शुगर जैसे घातक पदार्थों पर चिंता जतायी. सनराइज ग्रुप और आर्ष कन्या गुरुकुल की सराहना की. कहा कि उन्होंने पुरानी परंपराओं को जीवित रखते हुए श्रद्धा और आस्था का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया. पूर्व सांसद ने कहा कि इसी प्रकार की मर्यादित और पारंपरिक रामनवमी से ही हजारीबाग की इस ऐतिहासिक पहचान को और मजबूती मिलेगी. प्रेस वार्ता में अधिवक्ता शंभु कुमार, अधिवक्ता गुलाम जिलानी, खतियानी परिवार के केंद्रीय महासचिव मो हकीम, निजाम अंसारी, अनंत कुमार आर्या, शमीम एजाज, शौकत अनवर राजू शामिल थे.

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By SUNIL PRASAD

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