चौपारण में लकड़ी तस्करों की दबंगई, वनकर्मियों के साथ की धक्का मुक्की

चौपारण वन क्षेत्र के भगहर जंगल से अवैध लकड़ी लदे ट्रैक्टर को लकड़ी तस्कर सुरक्षा कर्मियों से छुड़ाकर ले गये.

लकड़ी से लदा ट्रैक्टर छुड़ाकर ले भागे, दोबारा हिम्मत नहीं हारे वनकर्मी, किया जब्त

प्रतिनिधि, चौपारण

चौपारण वन क्षेत्र के भगहर जंगल से अवैध लकड़ी लदे ट्रैक्टर को लकड़ी तस्कर सुरक्षा कर्मियों से छुड़ाकर ले गये. वनकर्मियों ने चार किमी दूर लकड़ी से लदे ट्रैक्टर को पुन: जब्त कर लिया. घटना सोमवार सुबह की है. वन विभाग को सूचना मिली कि भगहर जंगल से एक बिना नंबर के ट्रैक्टर में लकड़ी के बोटे लदाकर तस्करी के लिए ले जा रहे हैं. इसी क्रम में ट्रैक्टर कीचड़ में फंस गया. सूचना के बाद वन कर्मियों की टीम छापामारी करने पहुंची और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया. बलि से लदे जब्त ट्रैक्टर जैसे ही वनकर्मी रेंज ऑफिस लाने का प्रयास करने लगे वैसे ही बड़ी संख्या में तस्कर ट्रैक्टर के समीप पहुंच गये और छुड़ाने के लिए वन कर्मियों से धक्का मुक्की करने लगे. वन कर्मियों ने भी अपना साहस दिखाया.

हिम्मत नहीं हारे वनकर्मी :

इतना होने के बाद भी वनकर्मी हिम्मत नहीं हारे. जबरन छोड़कर भाग रहे ट्रैक्टर को चार किमी तक बाइक से पीछा कर जागोडीह जंगल से पुनः जब्त कर रेंज ऑफिस ले आये. छापामारी में शामिल प्रभारी वनपाल राहुल कुमार, वनरक्षी पंकज कुमार, सिकंदर नायक, राज कुमार गुप्ता, अजीत कुमार गंझू, उमेश कुमार, अशोक कुमार शामिल थे. वनपाल ने बताया कि तस्करों पर आगे की कार्रवाई के लिए नाम और ट्रैक्टर मालिक का पता लगाया जा रहा है.

असुरक्षित हैं वनकर्मी :

चौपारण वन प्रक्षेत्र में एक रेंजर, तीन वनपाल और 11 वनरक्षी का पद है. जबकि यहां मात्र एक प्रभारी वनपाल सहित पांच वनरक्षी हैं. वनरक्षियों पर यह हमला कोई नयी नहीं है. इसके पहले भी कई बार वनकर्मियों के साथ लकड़ी तस्कर और अतिक्रमणकारियों ने मारपीट की है. घटना के बाद वनकर्मी सहमे हुए हैं. वह अपने आपको असुरक्षित महसूस करने लगे हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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