अलग-अलग आंगन से निकली शवयात्रा

डेबो रेंबो करमा से 30 जुलाई की देर रात प्रशासन ने दोनों मजदूरों के शव को अपने कब्जे में कर लिया.

चौपारण.

डेबो रेंबो करमा से 30 जुलाई की देर रात प्रशासन ने दोनों मजदूरों के शव को अपने कब्जे में कर लिया. बुधवार को बरामद शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया. बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस प्रशासन व स्थानीय लोगों के अथक प्रयास से समझौता के बाद मामला शांत हुआ. ज्ञात हो कि रेंबो करमा में पत्थर खदान धंसने से मो समसुद्दीन और मनोज भुइयां की मौत मलवे में दब जाने से हो गयी थी. जबकि खदान में काम कर रहे दो अन्य मजदूर घायल हो गये थे. घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव के साथ मुआवजा में मोटी रकम की मांग को लेकर खदान के पास बैठ गये थे. देर रात तक खदान संचालक और मृतक के आश्रितों के बीच संतोषजनक वार्ता के बाद मामला शांत हो सका.

परिजनों के चीत्कार से गांव हुआ गमगीन :

पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे शव को देख परिजनों के चीत्कार से गांव गमगीन हो गया. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. गांव व रिश्तेदार के लोग परिजनों को ढांढ़स बांध रहे थे. करमा गांव में सभी घर चूल्हा चौकी बंद रहा. अलग-अलग घर से दो शवयात्रा निकली. मनोज भुइयां के शव का अंतिम संस्कार गांव के मुक्तिधाम में किया गया. वहीं, मो समसुद्दीन कब्रिस्तान में दफन किया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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