हजारीबाग. नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने वर्षों पहले हजारीबाग में ओपन जेल सह पुनर्वास केंद्र की शुरुआत की थी. यहां वैसे नक्सलियों को रखा गया है, जिन्होंने संगठन छोड़कर सरकार की सरेंडर पॉलिसी अपनायी है. एसपी अमन कुमार ने ओपन जेल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां रह रहे नक्सलियों, उनके परिवारों और बच्चों की स्थिति का जायजा लिया. वर्तमान में ओपन जेल में करीब 87 नक्सली अपने परिवार और बच्चों के साथ रह रहे हैं. एसपी ने नक्सलियों और उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली. इस दौरान नक्सलियों ने जेल में उपलब्ध सुविधाओं और कमियों से भी अवगत कराया. एसपी ने बताया कि ओपन जेल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं. नक्सलियों के लिए अलग-अलग आवास की व्यवस्था की गयी है और रहने-खाने की सुविधा सरकारी नियमों के अनुरूप है. उन्होंने बताया कि यहां रहने वाले नक्सलियों और उनके बच्चों के लिए पहले दूध की व्यवस्था गायों के माध्यम से की गयी थी, लेकिन वर्तमान में गायों ने दूध देना बंद कर दिया है. इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने और नयी गायें उपलब्ध कराने को लेकर डीसी को प्रस्ताव भेजा गया है. जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने कहा कि जल्द ही बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था की जायेगी. गाय खरीदने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है. सभी गायें पशुपालन विभाग से ली जायेंगी.
एसपी ने ओपन जेल का निरीक्षण कर सुविधाओं का लिया जायजा
कहा, ओपन जेल में बंद नक्सलियों अौर उनके बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था शीघ्र
