हजारीबाग: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को एनएच-33, रामगढ़-हजारीबाग सीमा चरही 15 माइल के पास शुक्रवार को सुबह 10.45 बजे पुलिस प्रशासन ने रोक दिया. इसके पीछे प्रशासन ने हजारीबाग अनुमंडल में लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया. दीपक प्रकाश का बरही पिपरा घोघर नयीटांड़ स्थित मृतक रूपेश पांडेय के परिजनों से मिलने का कार्यक्रम था.
इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को रोकने की सूचना पर सांसद जयंत सिन्हा, विधायक मनीष जायसवाल, पूर्व विधायक मनोज यादव और भाजपा जिला के पदाधिकारी वहां पहुंच गये. दीपक प्रकाश और जयंत समेत सभी भाजपा नेता एनएच-33 के किनारे धरना पर बैठ गये. लगभग दोपहर 2.20 बजे धरना समाप्त कर दीपक प्रकाश रांची लौट गये.
यहां से विधायक मनीष जायसवाल और मनोज यादव बरही गये और रुपेश के श्राद्धकर्म में शािमल हुए. इससे पूर्व धरना कार्यक्रम में बालमुकुंद सहाय, भैया अभिमन्यु प्रसाद, आनंद देव, मुरारी सिंह, दीपनारायण महतो, अजीत सिंह, आशा राय, प्रवील यादव उपस्थित थे.
सुरक्षा की थी पुख्ता व्यवस्था :
भाजपा नेताओं को रोकनेवाले स्थल पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था थी. विष्णुगढ़ एसडीपीओ अनुज उरांव, इंस्पेक्टर मनोज सिंह, बीडीओ इंदर कुमार और सीओ शशिभूषण सिंह अधिकारी के रूप में मौजूद थे. काफी सुरक्षा बल लगाये गये थे. एसडीपीओ अनुज उरांव ने बताया कि हजारीबाग और बरही अनुमंडल में धारा 144 लागू है.
सरकार लोकतंत्र विरोधी : दीपक प्रकाश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड सरकार लोकतंत्र विरोधी है. रूपेश पांडेय को श्रद्धांजलि देने और उसके परिजनों से मिलने जा रहे थे. सरकार ने तानाशाही व तुष्टिकरण रवैया अपनाते हुए हमें रोका. झारखंड के आला प्रशासनिक अधिकारी झामुमो के इशारे पर काम कर रहे हैं. आनेवाले विधानसभा चुनाव में जनता इनको जवाब देगी.
Posted By : Sameer Oraon
