कव्वाली के मुकाबलों ने बांधा समां

हजरत दुल्ला शाह बाबा के दरबार में आयोजित तीन दिवसीय उर्स का दूसरा दिन

चौपारण. चयकला के हजरत दुल्ला शाह बाबा के दरबार में आयोजित तीन दिवसीय उर्स के दूसरे दिन शनिवार की रात कव्वाली की महफिल सजी. जिसमें मजहबी एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की गयी. हर धर्म और वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर सूफियाना कलाम का आनंद उठाया. मशहूर कव्वाल इश्तेयाक भारती और शाह मुराद चिश्ती के बीच शानदार मुकाबला हुआ. दोनों ने अपने सुरों और अंदाज से समा बांधा. अकीदतमंदों ने नारे लगाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. पूरी महफिल रूहानी रंग में रंगी रही. शाह मुराद चिश्ती की कव्वाली पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे. लगभग एक सदी से चली आ रही इस उर्स की परंपरा में झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग जियारत और कव्वाली सुनने पहुंचते हैं. उर्स के दूसरे दिन भी दरगाह में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी. लोगों ने चादरपोशी कर अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी. साथ ही, दूर-दराज से आये अन्य नातखां ने भी अपने कलाम पेश कर महफिल को यादगार बना दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sunil prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >