प्रभावित परिवार को 25-25 लाख मुआवजा दे सरकार

झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान 10 से अधिक अभ्यर्थियों की मौत पर राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ ने चिंता व्यक्त की है.

उत्पाद सिपाही भर्ती में छात्रों की मौत पर चिंता

हजारीबाग.

झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान 10 से अधिक अभ्यर्थियों की मौत पर राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ ने चिंता व्यक्त की है. संघ ने इसका कारण भर्ती प्रक्रिया में अनुचित व्यवस्था और सरकारी तंत्र की लापरवाही को बताया है. संघ के महासचिव विक्की कुमार धान ने जारी अपने बयान में कहा है कि अभ्यर्थियों को रात 12:00 बजे लाइन में खड़ा करना अमानवीय और अनुचित है. यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है. संघ ने भरी दोपहर में दौड़ आयोजित करने को भी जोखिमपूर्ण करार दिया है. संघ ने मांग की है कि दौड़ का समय सुबह 9:00 बजे तक सीमित किया जाये. संघ ने मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को 25-25 लाख रुपया मुआवजा और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी जरूरत बतायी.

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By Prabhat khabar news desk

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