बालिका वधू बनने से बची नाबालिग

प्रशासन ने बाल विवाह रोका, नाबालिग के माता-पिता को समझाया

टाटीझरिया. प्रखंड के एक गांव की नाबालिग बालिका वधू बनने से बच गयी. आधार कार्ड के अनुसार बच्ची की उम्र लगभग 17 वर्ष थी. जानकारी के अनुसार नाबालिग का नौ जून को विवाह होने वाला था. उसके घर में वैवाहिक रस्म की तैयारियां चल रही थी. इसी बीच किसी ने बाल विवाह होने की सूचना प्रशासन को दी. इसके बाद बीडीओ रश्मि खुशबू मिंज, पुलिस, सीडीपीओ इचाक, महिला पर्यवेक्षिका इचाक, खैरा पंचायत सचिव, मुखिया एवं पंसस नाबालिग के घर पहुंचे व बाल विवाह को रोका. नाबालिग के माता-पिता को प्रखंड कार्यालय में बुलाकर बाल संरक्षण इकाई हजारीबाग एवं बीडीओ रश्मि खुशबू मिंज ने समझाया. बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी दी. बच्ची का विवाह 18 वर्ष से कम उम्र में नहीं करने की हिदायत दी.

विद्यार्थियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ

हजारीबाग. नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम को लेकर जिले भर में सोमवार को एक साथ 200 से अधिक सरकारी स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया गया. इसमें कक्षा आठवीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल थे. शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नशा से दूर रहने की नसीहत दी. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशा से दूर रहने की शपथ ली.

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Author: SUNIL PRASAD

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