हजारीबाग. जिला श्रम न्यायालय का कामकाज नियमित रूप से नहीं चल पा रहा है. भवन की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है. बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने श्रम न्यायालय के भवन की मरम्मत एवं सुविधा बढ़ाने के लिए कई बार उपायुक्त से लेकर राज्य सरकार को लिखा. दो माह पहले भवन मरम्मत का कार्य शुरू हुआ, लेकिन कुछ दिनों के बाद अभिकर्ता ने निर्माण कार्य बंद कर दिया. वादकारियों के साथ-साथ अधिवक्ताओं को मुकदमे के निबटारे में आ रही दिक्कतों को देखते हुए अधिवक्ता राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में वकीलों के एक शिष्टमंडल ने उपायुक्त से मिलकर भवन निर्माण का कार्य शुरू कराने एवं बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है. ज्ञापन में कहा गया है कि श्रम न्यायालय भवन का सभी कमरे जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं. मामले की सुनवाई का काम अधिकारी के चेंबर में किया जा रहा है. जगह पर्याप्त नहीं होने के कारण मुकदमे के निबटारे में देरी हो रही है और वादकारी परेशान हो रहे हैं. ज्ञापन में कहा गया है कि सभी कमरों में बिजली के तार झूल रहे हैं. जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. निर्माण कार्य में भी अनियमितता की शिकायत की गयी है. अधिवक्ताओं ने बताया कि इस श्रम न्यायालय में चार जिले हजारीबाग, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ के श्रम मामलों की सुनवाई होती है. ज्ञापन में अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह, धनंजय सिंह, सत्येंद्र ओझा, ललन साहू, शैलेंद्र सिन्हा, विजय सिंह, प्रमोद सिंह, बालेश्वर साहू, रंजीत सिंह, शुक्ला तुरी, अश्विनी कुमार, विजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं.
श्रम न्यायालय भवन की मरम्मत के लिए डीसी को ज्ञापन
भवन की स्थिति अत्यंत ही दयनीय
