साइबर अपराधी के झांसे में आये केरेडारी निवासी, फर्जी मैसेज भेज खाते से उड़ाये 1.66 लाख रुपये

लॉकडाउन में साइबर अपराधी नये-नये तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. कभी कोरोना राहत के नाम पर ठगी कर रहे हैं, तो कभी फर्जी मैसेज भेज कर. ऐसा ही एक मामला हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में आया है. थाना क्षेत्र के गर्रीकला निवासी रामजीवन महतो साइबर अपराधियों के ठगी के शिकार हो गये हैं. अपराधियों ने फर्जी मैसेज भेज कर इनके खाते से 1.66 लाख रुपये उड़ा लिए.

केरेडारी (हजारीबाग) : लॉकडाउन में साइबर अपराधी नये-नये तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. कभी कोरोना राहत के नाम पर ठगी कर रहे हैं, तो कभी फर्जी मैसेज भेज कर. ऐसा ही एक मामला हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में आया है. थाना क्षेत्र के गर्रीकला निवासी रामजीवन महतो साइबर अपराधियों के ठगी के शिकार हो गये हैं. अपराधियों ने फर्जी मैसेज भेज कर इनके खाते से 1.66 लाख रुपये उड़ा लिए. मामला 30 अप्रैल का है. इस संबंध में भुक्तभोगी ने 6 मई को केरेड़ारी थाना में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराये हैं.

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भुक्तभोगी रामजीवन महतो ने बताया कि 30 अप्रैल को साइबर अपराधियों की ओर से उन्हें फोन आया. फोन के माध्यम से बताया गया कि नेटबैंकिंग पेटीएम में ऑफर बोनस की एक स्कीम आयी है. इसके लिए पेटीएम खोलने एवं इसके ओटीपी एवं पासवर्ड की जानकारी मांगी. फोन पर ओटीपी की जानकारी देते ही साइबर अपराधियों ने दो दिन में उनका पूरा अकाउंट खाली कर दिया. साइबर अपराधियों ने उनके अकाउंट से 30 अप्रैल और 01 मई को 1.66 लाख रुपये की निकासी कर लिया.

अकाउंट से पैसा निकलने के मैसेज आते ही भुक्तभोगी के होश उड़ गये. इस संबंध में रामजीवन ने बैंक के चक्कर लगाएं, लेकिन कोई हल नहीं निकला. आखिरकार भुक्तभोगी ने साइबर अपराधियों के खिलाफ केरेडारी थाना में मामला दर्ज कराया. इधर, थाना प्रभारी ने कहा अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जल्द ही छानबीन कर उचित कानून कार्रवाई की जायेगी.

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आपको बता दें कि पिछले दिनों हजारीबाग में भी 51 लाख रुपये से अधिक ठगी करने का मामला सामने आया था. हजारीबाग पुलिस ने 13 अप्रैल को तीन युवक को गिरफ्तार भी किया था. इन गिरफ्तार युवकों ने प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम पर करीब 200 से अधिक लोगों से 51 लाख रुपये की ठगी की थी.

सावधानी बरतेंगे, तो नहीं होंगे शिकार

इस लॉकडाउन में साइबर अपराधियों का ठगी करने का तरीका बदल गया है. कभी कोरोना राहत के नाम पर, तो कभी कैशबैक ऑफर के नाम पर, तो कभी इमोशनल तरीके से लोगों को ठगा जा रहा है. जरूरत है सभी को सावधानी बरतने की. वर्तमान में लॉकडाउन होने के कारण सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म व वेबसाइटों पर ट्रैफिक अधिक हो गयी है. साइबर अपराधी इसी का सहारा बना रहे हैं. फंड ट्रांसफर करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त कर लें, तभी फंड ट्रांसफर करें. ई-कॉमर्स साइट पर अपने कार्ड की उपयोगिता सावधानी पूर्वक करें और कार्ड की जानकारी कभी सेव न करें. हमेशा अनजाने ई-मेल और ऑफर वाली बातों में विशेष सावधानी बरतें.

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