हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यीकरण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है. कल्याण विभाग की ओर से इस वित्तीय वर्ष जिले में कब्रिस्तानों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जायेगी. सरकार की इस योजना का उद्देश्य कब्रिस्तानों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं से युक्त बनाना है. इसके तहत घेराबंदी के साथ-साथ अन्य जरूरी विकास कार्य भी कराये जायेंगे.
51 योजनाओं को मिली स्वीकृति
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने हजारीबाग जिले के लिए कुल 51 योजनाओं को स्वीकृति दी है. इन योजनाओं के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कब्रिस्तानों का विकास किया जायेगा. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत योजनाओं में घेराबंदी, रास्तों का निर्माण, साफ-सफाई, जल निकासी और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य शामिल हैं. इससे कब्रिस्तानों की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर होगी.
लाभुक समिति के माध्यम से होंगे विकास कार्य
कल्याण विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कब्रिस्तानों में होने वाले सभी विकास कार्य लाभुक समिति के माध्यम से पूरे किये जायेंगे. इससे स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी और कार्यों में पारदर्शिता बनी रहेगी. विभाग का मानना है कि स्थानीय समिति के माध्यम से काम होने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा और जरूरत के अनुसार कार्यों को प्राथमिकता दी जा सकेगी.
पेलावल सहित कई इलाकों में शुरू हुई घेराबंदी
हजारीबाग शहर से सटे पेलावल इलाके सहित जिले के कई अन्य क्षेत्रों में कब्रिस्तानों की घेराबंदी का कार्य शुरू हो चुका है. जिन स्थानों पर कब्रिस्तानों की सुरक्षा और रखरखाव की अधिक जरूरत महसूस की गयी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि घेराबंदी होने से कब्रिस्तानों की जमीन सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण की समस्या पर भी रोक लगेगी.
राज्य भर में 634 कब्रिस्तानों का होगा विकास
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार ने वर्ष 2026 में राज्य भर के 634 कब्रिस्तानों की घेराबंदी और सौंदर्यीकरण करने का निर्णय लिया है. इस महत्वाकांक्षी योजना पर 146 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जायेगी. सरकार का लक्ष्य है कि सभी कब्रिस्तानों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाये, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
इसे भी पढ़ें: घर पर टूटा चीन का गुरूर: झारखंड की बेटियों ने भारत को बनाया वर्ल्ड चैंपियन, देखें विनिंग मोमेंट्स
सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अहम योजना
विशेषज्ञों का मानना है कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी और विकास कार्य केवल आधारभूत सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम है. इससे समुदाय विशेष के लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी और धार्मिक स्थलों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सकेगा. प्रशासन का कहना है कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जायेगी.
इसे भी पढ़ें: रजरप्पा डकैती कांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी, जमीन में छिपाए गए जेवरात बरामद
