हजारीबाग. हजारीबाग जिले के बरकागांव प्रखंड अंतर्गत नापोखुर्द तहसील स्थित इस्को गांव का चित्रित शैलाश्रय अब राष्ट्रीय महत्व के स्मारक के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है. केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है. यह निर्णय प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा 4 (3) के तहत लिया गया है. 13.80 एकड़ में फैला सांस्कृतिक धरोहर यह शैलाश्रय 13.80 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है और भूखंड संख्या 37 के प्लॉट नंबर 413 के हिस्से में स्थित है. इसका स्वामित्व झारखंड सरकार के पास है और यह चारों ओर से प्लॉट नंबर 413 से घिरा हुआ है. केंद्र सरकार ने 15 अक्तूबर 2024 को इसे राष्ट्रीय महत्व का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा था. दो महीने की सार्वजनिक समीक्षा के दौरान कोई आपत्ति नहीं मिलने पर अब इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गयी है. प्रागैतिहासिक चित्रों का अद्भुत संग्रह पुरातत्व विभाग के नीरज मिश्रा ने बताया कि यह शैलाश्रय प्रागैतिहासिक काल के चित्रों और पुरातात्विक अवशेषों के लिए जाना जाता है, जो झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इस स्थल के संरक्षण से न केवल प्राचीन कला और संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा. अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इस स्थल के रखरखाव और विकास की विस्तृत योजना तैयार करेगा. केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से इसे पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया जायेगा.
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