नवाचार की शुरुआत जिज्ञासा और सृजन से : रामजी राघवन

विभावि में व्याख्यान, अगस्त्य फाउंडेशन के अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को ''''4सी'''' की अवधारणा से अवगत कराया

हज़ारीबाग. विनोबा भावे विवि के स्वामी विवेकानंद सभागार में मंगलवार को एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया. विषय द 4सी स्पार्क : इंजीनियरिंग ए लाइफ ऑफ इंपैक्ट था. मुख्य अतिथि अगस्त्य फाउंडेशन के अध्यक्ष रामजी राघवन व विशिष्ट अतिथि डॉ रविंद्र राय थे. अध्यक्षता कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने की. कार्यक्रम पीएम उषा प्रोजेक्ट मेरू के तहत आयोजित किया गया. संचालन यूसेट के प्राध्यापक डॉ अरुण कुमार मिश्रा ने किया. रामजी राघवन ने बताया कि किसी भी डिग्री, प्रयोगशाला या करियर से पहले एक चिंगारी होती है. क्यूरियोसिटी (जिज्ञासा), क्रिएटिविटी (सृजनात्मकता), कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) और (कॉम्पसेशन) संवेदनशीलता की चिंगारी. यही सी से बने अंग्रेजी के चार शब्द हैं. ये न केवल सफल पेशेवरों, बल्कि जिम्मेदार और नवाचारी नागरिकों का निर्माण करते हैं. उन्होंने कहा कि अगस्त्य फाउंडेशन ने मोबाइल साइंस लैब और रचनात्मक शिक्षण केंद्रों के माध्यम से देशभर में तीन करोड़ से अधिक सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों और तीन लाख से अधिक शिक्षकों को लाभान्वित किया है. राघवन ने ””””4सी”””” की अवधारणा से अवगत कराते हुए भारत की अगली नवाचार यात्रा के लिए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. रामजी राघवन एक प्रख्यात सामाजिक नव प्रवर्तक एवं अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष हैं. हुडको के निदेशक, झारखंड सरकार में पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद एवं विभावि से प्राध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ रवींद्र राय ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन के मूल तत्व को समझते हुए पूर्णता को प्राप्त करना चाहिए. जब पूरे मन से कोशिश होती है, तभी संतुष्टि मिलती है. डॉ रवींद्र राय ने कहा कि जीवन एक बड़ी चुनौती है. कुलपति ने कहा कि वह सतत इस तरह के व्याख्यान आयोजित करने के पीछे दृढ़ संकल्पित हैं. उनका उद्देश्य है कि वैश्विक स्तर पर जो कार्य हो रहे हैं, उससे विभावि के विद्यार्थी व शिक्षक रूबरू हों. ऐसे वक्ताओं को सुनने से देश के लिए कुछ नया करने की प्रेरणा मिलेगी और उसी अनुरूप अपने जीवन में बदलाव लायेंगे. इस अवसर पर कुलाधिपति द्वारा मनोनीत विवि के पूर्व अभिषद सदस्य सांवरमल अग्रवाल के अलावे विवि के अधिकारी, शिक्षक एवं यूसेट, मैनेजमेंट तथा अन्य विभाग के विद्यार्थी उपस्थित थे.

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By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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