हजारीबाग को मॉडल पर्ल हब बनाने की दिशा में पहल तेज

मत्स्य निदेशक ने जिले में मोती पालन गतिविधियों का किया निरीक्षण

हजारीबाग. जिले को पर्ल (मोती) क्लस्टर के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल तेज हो गयी है. दो मई को मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, उप निदेशक शंभु प्रसाद यादव व मत्स्य प्रसार पदाधिकारी किरण ने जिले में संचालित मोती पालन गतिविधियों का निरीक्षण किया. टीम ने प्रशिक्षण सह डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम की प्रगति का भी जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान दौरवा–कुंडवा क्षेत्र के पांड क्लस्टर का दौरा किया गया, जहां महिला स्वयं सहायता समूहों को मोती पालन से जोड़ने और महिला एफपीओ गठन के लिए प्रेरित किया गया. निदेशक ने कहा कि इससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. इसके बाद बरही अनुमंडल के तिलैया जलाशय में केज कल्चर का निरीक्षण किया गया. यहां केज के साथ मोती पालन के एकीकृत मॉडल की सराहना करते हुए इसके विस्तार पर जोर दिया गया. उन्होंने किसानों को इस मॉडल से आय बढ़ाने की सलाह दी. बताया गया कि हजारीबाग को भारत सरकार ने देश के एकमात्र पर्ल क्लस्टर के रूप में चिन्हित किया है. उपायुक्त ने इसे मॉडल पर्ल हब बनाने की योजना बतायी. कहा कि विभाग द्वारा प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग व विपणन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मौके पर कई मत्स्य कृषक उपस्थित थे.

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By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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