आदर्श विचार व ईमानदारी से होती है व्यक्ति की पहचान : देवांगन

गायत्री शक्तिपीठ में उपजोन स्तरीय जन्म शताब्दी संकल्प अनुयाज कार्यशाला आयोजित

हजारीबाग. गायत्री शक्तिपीठ हजारीबाग में सोमवार को अखंड ज्योति साधना शताब्दी वर्ष एवं परम वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी कार्यक्रम बसंत पर्व 2026 के उपलक्ष्य पर उपजोन स्तरीय जन्म शताब्दी संकल्प अनुयाज कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य परिजनों का उत्साहवर्धन करना, विचार क्रांति का व्यापक प्रचार प्रसार एवं नये परिजनों को जोड़ना है. कार्यक्रम का उदघाटन शांतिकुंज हरिद्वार से आये प्रतिनिधि पूर्वी जोन के प्रभारी घनश्याम देवांगन, रांची जोन प्रभारी रामनरेश सिंह, टोली के इंद्रदेव पंडित, गणेश पवार ने संयुक्त रूप से किया. दीप प्रज्वलन के बाद प्रज्ञा गीत गाये गये. घनश्याम देवांगन ने कहा कि गायत्री मंत्र एक वर्ग विशेष का मंत्र था, परंतु वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ, युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने इसकी परिभाषा बदलकर लोक मंत्र में परिणत कर दिया. आज दुनिया के 80 देश में इस मंत्र का जाप किया जाता है. उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार एक प्रामाणिक संस्था है, जहां आदमी की महानता पद, विभूति, धन संपत्ति से नहीं उसके आदर्श विचार और ईमानदारी से मापा जाता है. कार्यक्रम में इंद्रदेव पंडित, गणेश पवार, रामकिसुन साहू, राजकुमार स्वर्णकार, अरविंद कुमार, राजेंद्र वर्णवाल एवं ब्रज कुमार विश्वकर्मा ने संबोधित किया. डुंगरमल जैन और शारदा नारायण भंडारी को वरिष्ठ परिजन का सम्मान मंत्र चादर एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया. मंच संचालन हजारीबाग उपजोन समन्वयक लखन लाल प्रजापति ने किया. आयोजन में डॉ ललिता राणा, नरेंद्र विद्यार्थी, ब्रजकिशोर सिन्हा, विजय शर्मा, सरिता वर्मा, राजेंद्र विश्वकर्मा, संगीता गोस्वामी ने अहम भूमिका निभायी.

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Published by: Sunil prasad

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