Hazaribagh Ram Navami Controversy: झारखंड के हजारीबाग में इस बार रामनवमी का पर्व जहां श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया, वहीं कुछ अप्रिय घटनाओं ने इसकी छवि को धूमिल करने का काम किया. इस पर भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का जीवन हमें अनुशासन, संयम और आदर्श आचरण की सीख देता है. हजारीबाग की रामनवमी वर्षों से भाईचारे, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रही है, लेकिन इस बार जो घटनाएं सामने आईं, वे काफी चिंताजनक हैं.
असामाजिक तत्वों पर साधा निशाना
सांसद मनीष जायसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पवित्र पर्व को बदनाम करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता और अनुशासन का प्रतीक है. ऐसे में किसी भी तरह का उपद्रव न केवल परंपरा के खिलाफ है, बल्कि समाज को भी नुकसान पहुंचाता है.
रामनवमी में उपद्रव के क्या हैं कारण
मनीष जायसवाल ने अपने फेसबुक पोस्ट में उन कारणों पर भी प्रकाश डाला, जिनकी वजह से इस बार स्थिति बिगड़ी. उन्होंने कहा कि आपसी रंजिश, नशे का बढ़ता प्रभाव और खतरनाक तथा तथाकथित ‘चाइनीज’ औजारों का इस्तेमाल मुख्य कारण रहे. इन वजहों से रामनवमी की गरिमा को ठेस पहुंची और कुछ लोगों को माहौल खराब करने का मौका मिला.
जान-माल के नुकसान पर जताया दुख
उन्होंने इन घटनाओं में हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया. सांसद ने कहा कि सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की है कि कुछ लोगों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन परिवारों के दर्द को समझें, जो इस त्रासदी से गुजर रहे हैं.
सांसद ने ध्वनि प्रदूषण पर भी उठाए सवाल
सांसद जायसवाल ने ध्वनि प्रदूषण को भी एक बड़ी समस्या बताया. उन्होंने कहा कि डीजे और साउंड सिस्टम की अत्यधिक तेज आवाज ने बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाला है. उन्होंने आयोजकों से अपील की कि उत्सव के दौरान ध्वनि की सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसी को परेशानी न हो.
सांसद ने की समाज से आत्ममंथन की अपील
उन्होंने हजारीबाग के सभी नागरिकों, खासकर सनातन धर्मावलंबियों से आत्ममंथन करने की अपील की. उनका कहना था कि यह समय एकजुट होकर सोचने का है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाए. समाज को मिलकर ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे पर्व की गरिमा बनी रहे.
नशा मुक्त और अनुशासित रामनवमी का आह्वान
मनीष जायसवाल ने आगे कहा कि आने वाले समय में ‘नशा मुक्त रामनवमी’ का संकल्प लेना जरूरी है. उन्होंने शोभायात्रा के दौरान खतरनाक और अवैध औजारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही. साथ ही पारंपरिक शस्त्रों के ही उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की.
मर्यादा और अनुशासन को बनाए रखने की जरूरत
उन्होंने जोर देकर कहा कि रामनवमी की पहचान केवल भव्यता से नहीं, बल्कि उसकी मर्यादा और अनुशासन से भी होती है. यदि इन मूल्यों को नजरअंदाज किया गया, तो पर्व का वास्तविक उद्देश्य कमजोर पड़ जाएगा.
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सुरक्षित और प्रेरणादायी पर्व की दिशा में पहल
अंत में सांसद ने सभी से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हम सब मिलकर रामनवमी को और अधिक सुरक्षित, सशक्त और प्रेरणादायी बना सकते हैं. समाज का हर वर्ग यदि जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाए, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा की असली ताकत लोगों के सहयोग और आपसी समझ में ही निहित है.
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