बड़कागांव. बड़कागांव के गोंदलपुरा पंचायत अंतर्गत जोराकाठ, गाली बलोदर एवं छकोड़वा बेड़ा गांव में चार दिनों से हाथियों का झुंड उत्पात मचा रहा है. 26 जून को 25 हाथियों का झुंड चरही जंगल की ओर से जोराकाठ गांव में घुसा और 27 जून तक वहीं डटा रहा. वहीं 28 जून की रात और 29 जून की शाम इन हाथियों ने लगभग 30 एकड़ में लगी फसलों को रौंद दिया. जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ है.
पूर्व मुखिया श्रीकांत निराला ने बताया कि इस घटना से लगभग दो लाख रुपये की फसल बर्बाद हो गयी है. हाथियों ने डुमन महतो की सात एकड़ में लगा गन्ना, मकई, कद्दू और खीरा, जुगल महतो की सात एकड़ में लगा गन्ना, मकई, खीरा, कद्दू, राशमणि महतो की 10 कट्ठा जमीन में लगी अदरक, धनिया पत्ता, सरोज महतो की 10 कट्ठा भूमि में लगा गन्ना, कुंवर महतो की 10 कट्ठा में लगे गन्ना और धनी महतो की 12 कट्ठा में लगी मकई की फसल को नुकसान पहुंचाया है. इसके अलावा सिकंदर महतो, विशेश्वर महतो, रवि महतो की खेतों में लगी फसल को भी हाथियों ने रौंद दिया है.मादा हाथी ने बच्चे को दिया है जन्म :
रेंजर कमलेश सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है. उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है. रेंजर ने बताया कि एक मादा हाथी ने बच्चे को जन्म दिया है और जब तक वह शिशु हाथी तंदुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक हाथियों का झुंड गांव के आसपास ही रहेगा. जिन किसानों की फसलें या घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुआवजा दिया जायेगा. मुखिया वासुदेव यादव ने प्रभावित किसानों से खाता संख्या एवं आधार संख्या के साथ सीओ कार्यालय में आवेदन देने की बात कही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
