गर्मी में शरीर में न होने दें पानी की कमी

विभावि राजनीति विज्ञान विभाग में हीट वेब से बचाव पर कार्यशाला

हजारीबाग. विभावि के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में मंगलवार को लू एवं गर्म हवा से बचाव विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने की. बताया कि हीट वेब विषय पर मीडिया और सरकारी तंत्र अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हमें सचेत कर रही हैं. अब हमारा दायित्व है कि हम स्वयं को, परिवार को तथा अपने संपर्क में आने वाले लोगों को सचेत करें. इस अवसर पर शोधार्थी रवि विश्वकर्मा द्वारा तैयार पीपीटी के माध्यम से झारखंड के विभिन्न अखबारों में प्रकाशित हीट वेव, येलो अलर्ट तथा बढ़ते तापमान की खबर को स्मार्ट बोर्ड पर दर्शाया गया. उन्होंने खबर में उपलब्ध तथ्यों से विद्यार्थियों को परिचित कराया. शोधार्थी धर्मेंद्र कुमार ने नेशनल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड सरकार द्वारा जनहित में जारी विज्ञापन की व्याख्या की. गर्म हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर मौसम के दुष्प्रभाव की चर्चा की. बताया कि इससे शरीर में पानी की कमी, हृदयाघात तथा मस्तिष्काघात तक की समस्या हो सकती है. इस समय ओआरएस का घोल, नमक-चीनी का घोल, छाछ, लस्सी, नींबू पानी, आम के घोल का सेवन करें. खरबूज, तरबूज, खीरा-ककड़ी का सेवन अधिक से अधिक करें. विभागीय प्राध्यापक डॉ अजय बहादुर सिंह ने बताया कि इस मौसम में हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें. धूप का चश्मा, छाता तथा गमछा का उपयोग करें. उन्होंने बच्चों को हिदायत दी की धूप से लौट कर रेफ्रिजरेटर के ठंडे पानी के सेवन से बचे. शोधार्थी महेंद्र पंडित ने धन्यवाद ज्ञापन किया.

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By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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