हजारीबाग. मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आयी है. एक दलित महिला ने आरोप लगाया है कि उसे उसके दो वर्षीय बच्चे के साथ करीब 38 घंटे तक थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया. महिला का कहना है कि बिना वर्दी में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने नोटिस देने के दौरान उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, साथ ही जातिसूचक टिप्पणी भी की. उक्त महिला को पुलिस ने नोटिस का तामिला कराने गयी महिला चौकीदार के साथ मारपीट के मामले में हिरासत में लिया था. इस मामले को लेकर सांसद मनीष जायसवाल उक्त महिला और सिंघानी गांव के लोगों से मिले. घटना की पूरी जानकारी ली. उन्होंने इसे लोकतंत्र पर कलंक बताया. कहा कि किसी भी स्थिति में महिला के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मंगलवार को सांसद उक्त महिला को लेकर डीआइजी कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले से अवगत कराया. उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. इस संबंध में महिला पहले ही आवेदन दे चुकी है. डीआइजी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है. सांसद ने चेतावनी दी कि यदि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गयी, तो जनांदोलन शुरू करेंगे.
बच्चे संग महिला को 38 घंटे हिरासत में रखने का आरोप
सांसद ने महिला के साथ डीआइजी से की मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग
