रसोइया धमना मोड़ पर अंडर पास की मांग तेज

जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर ग्रामीणों की समस्या रखी

बरही. जीटी रोड सिक्स लेन सड़क निर्माण परियोजना के क्रम में बरही प्रखंड के रसोइया धमना मोड़ पर अंडर पास के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण फिर सक्रिय हो गये हैं. बुधवार को ग्राम रसोइया धमना, छोटकी बरही, लशकरी व बेंदगी के जनप्रतिनिधि धमना मोड़ के पास जुटे व अपनी मांगों पर विमर्श किया. इसके बाद सड़क निर्माण कंपनी राज केसरी के अधिकारियों को बुलाकर उनके सामने अपनी बात रखी. ग्रामीण ने कहा कि धमना मोड़ पर फ्लाइओवर के निर्माण के क्रम में आरइ वाल बनाया जा रहा है, जो उचित नहीं है. आरइ वाल बन जाने से पास के चार-पांच गांवों की लगभग 10 हजार की आबादी और उनके मवेशियों को सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ जाने-आने में बाधा उत्पन्न हो जायेगी. ये गांव क़ृषि प्रधान हैं. किसानों के खेत-खलिहान सड़क की दोनों ओर स्थित है. ग्रामीणों ने इस समस्या को दूर करने के लिए धमना मोड़ पर अंडर पास के निर्माण की मांग रखी. चेताया कि अंडर पास नहीं बनने पर ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे. बैठक में बद्री साहू, पंसस मो तैयब, खलील अंसारी, नारायण साहू, मो सत्तार, भिखारी साहू, मो तस्लीम अंसारी, तौकीर रजा, मोइन अंसारी, राजदेव कुमार, अनुज यादव, अख्तर अंसारी, डॉ विनोद साहू, केश्वर साहू, गुलाब साहू, तबरेज अंसारी, मो हैदर, बीरेंद्र साहू, संतोष साहू सहित कई लोग मौजूद थे. अंडरपास निर्माण के लिए एनएचएआइ की स्वीकृति जरूरी बैठक में मौजूद सड़क निर्माण कंपनी राज केसरी के वाइस प्रेसिडेंट एसबी सिंह ने अंडर पास के निर्माण के प्रति असमर्थता ज़ाहिर की. कहा अंडरपास के निर्माण के लिए एनएचएआइ की स्वीकृति जरूरी है. यह स्वीकृति संवेदक नहीं ले सकता. इसके लिए जन प्रतिनिधि को पहल करनी होगी. मौके पर निर्माण कंपनी अधिकारी संजीत कुमार सिंह व सतीश सिंह मौजूद थे. सांसद से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल : निर्माण कंपनी के अधिकारियों की असमर्थता के बाद ग्रामीणों ने हजारीबाग के सांसद से मिलने की योजना बनायी. ग्रामीण सांसद से मिलकर अंडर पास के निर्माण के लिए एनएचएआइ से स्वीकृति दिलाने की मांग रखेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sunil prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >