हजारीबाग. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सोमवार को अपने कार्यालय में बैठक की. इस दौरान पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और जनसंपर्क विभाग को संयुक्त रूप से नशा उन्मूलन की दिशा में सक्रिय होने का आदेश दिया. उपायुक्त ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है. इसी क्रम में प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जा रही है. सोमवार को केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआइपी), कांके से तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम हजारीबाग पहुंची. टीम में डॉ संजय कुमार मुंडा, डॉ अनिरुद्ध मुखर्जी और डॉ प्रशांत श्रीवास्तव शामिल थे. टीम ने उपायुक्त से मुलाकात कर नशे के मानसिक, सामाजिक और शारीरिक प्रभावों पर चर्चा की. उपायुक्त ने जिले में स्थायी नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की घोषणा की. जहां परामर्श, उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं दी जायेंगी. उन्होंने कहा कि अभियान को स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर तक ले जाया जायेगा. यह केवल अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है.
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