हजारीबाग. उद्योग विभाग, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जनजागरण मंच एवं विभिन्न कलाओं से जुड़े कारीगरों के साथ उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. बैठक में उद्योग विभाग की योजनाओं की प्रगति और जिले में संचालित लघु एवं कुटीर उद्योगों की गतिविधियों की समीक्षा की गयी. जिला उद्यमी समन्वयक ने बताया कि जिले में करीब दो हजार कारीगर जूट उत्पाद, सोहराई कला, सिलाई-कढ़ाई, काष्ठ कला, बांस शिल्प एवं टेराकोटा कला से जुड़े हैं. बरही, कटकमदाग, विष्णुगढ़, सदर और बड़कागांव में जूट आधारित उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं. उपायुक्त ने सभी कारीगरों का आर्टिजन कार्ड बनाने तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जोड़ने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जूट एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन के लिए समर्पित क्राफ्ट सेंटर विकसित किया जायेगा. उन्होंने महिला कारीगरों के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया. साथ ही चौपारण के सिलाई-कढ़ाई कारीगरों के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर की संभावना पर प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया. बैठक में डीडीसी आयुक्त रिया सिंह एवं जीएम डीआइसी भी मौजूद थे.
लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बनेगा क्राफ्ट सेंटर
उपायुक्त की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक
