हजारीबाग. बढ़ती गर्मी के बीच शहर में पेयजलापूर्ति को लेकर मिल रही शिकायतों पर महापौर अरविंद कुमार राणा ने छड़वा डैम स्थित जलापूर्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया. इस निरीक्षण में सबसे गंभीर खामी जल शोधन (वाटर ट्रीटमेंट) प्रक्रिया में पायी गयी, जिस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जतायी. निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि पानी शुद्धिकरण में उपयोग होने वाले रसायनों फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं दी जा रही है. महापौर ने इसे सीधे तौर पर शहरवासियों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि पानी की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा. उन्होंने निर्देश दिया कि रसायनों के उपयोग का नियमित रिकॉर्ड संधारित किया जाये और उसकी समय-समय पर जांच हो. जलशोधन केंद्र परिसर में फैली गंदगी पर भी महापौर ने असंतोष जताया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाये, अन्यथा संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जायेगी.
एक सप्ताह में वाटर ट्रीटमेंट की सफाई दुरुस्त करने का निर्देश
छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र का महापौर ने किया औचक निरीक्षण
