हजारीबाग : हरी-भरी वादियों, घने पेड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहचाने जाने वाले हजारीबाग शहर की खूबसूरती में झील परिसर चार चांद लगाता है. सुबह-शाम यहां टहलने, व्यायाम और मनोरंजन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. झील परिसर को आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में कई व्यवस्थाएं बदहाल हो गयी हैं.
कहीं खेल का पोल गिरा पड़ा है, तो कहीं स्ट्रीट लाइट का खंभा टूटकर सड़क किनारे पड़ा है. लाखों रुपये की लागत से विकसित वर्टिकल पार्क भी बदइंतजामी का शिकार है. शहर को सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन तैयार परिसंपत्तियों के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि झील परिसर की बदहाल सुविधाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा और इन्हें कब दुरुस्त किया जायेगा.
15 दिन से गिरा पड़ा है बास्केटबॉल कोर्ट का पोल
झील परिसर में युवाओं को खेल की बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से करीब दो वर्ष पहले बास्केटबॉल कोर्ट बनाया गया था. करीब 15 दिन पहले कोर्ट में लगा बोर्ड, रिंग और नेट समेत पूरा पोल गिर गया. इसके बाद भी इसे हटाने या दुरुस्त करने की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. इससे कोर्ट की उपयोगिता प्रभावित हो रही है.
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प्रेस क्लब के सामने टूटा स्ट्रीट लाइट पोल
झील परिसर को शाम के समय रोशन रखने के लिए नगर निगम की ओर से सैकड़ों स्ट्रीट लाइट पोल लगाये गये हैं. प्रेस क्लब के सामने एक पोल टूटकर सड़क किनारे गिरा पड़ा है. इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. झील परिसर के अन्य हिस्सों में भी कई पोल टूटे हुए हैं. वहीं, कई पोल पर लगी लाइटें खराब हैं, जिससे शाम के बाद कुछ हिस्सों में अंधेरा पसरा रहता है.
40 लाख से बना वर्टिकल पार्क भी बदहाल
झील जाने वाले मार्ग के दोनों ओर नगर निगम की ओर से करीब तीन वर्ष पहले वर्टिकल पार्क विकसित किया गया था. इसके निर्माण पर 40 लाख रुपये से अधिक खर्च किये गये थे. पार्क को आकर्षक बनाने के लिए लोहे की जाली लगाकर उसमें फूल-पौधे लगाने की योजना थी. वर्तमान में कई जगह जालियां टूट गयी हैं और फूल-पौधों की जगह घास उग आयी है. रखरखाव के अभाव में पार्क में कंटीली झाड़ियां पनप रही हैं. इससे लाखों रुपये खर्च कर विकसित की गयी इस व्यवस्था का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है.
