विभावि में स्थापित होंगे कई सेंटर अॉफ एक्सीलेंस

पीएम उषा मेरु परियोजना के लिए प्राप्त 99.7 करोड़ रुपये के कार्यों की हुई समीक्षा

हज़ारीबाग. विभावि में पीएम उषा मेरु को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आर्यभट्ट सभागार में शनिवार को की गई. अध्यक्षता कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने की. इस दौरान पीएम उषा मेरु परियोजना के तहत विभावि को प्राप्त 99.7 करोड़ रुपये से होनेवाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. कुलपति ने बताया कि विभावि बिहार-झारखंड का पहला और इकलौता विश्वविद्यालय है, जिसे मेरु विश्वविद्यालय बनने का गौरव प्राप्त हुआ है. यह बच्चों के लिए बहुत कुछ करने का अवसर प्रदान करेगा. इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जायेगा. बैठक में मेरु परियोजना के समन्वयक तथा पीएम-उषा के नोडल पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार मिश्रा ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति से योजना के 44 बिंदुओं पर जानकारी दी. बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक वर्ष डेढ़ लाख स्नातक के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया जायेगा. इसके लिए मेंटर की नियुक्ति होगी. डॉ मिश्रा ने बताया कि मेरु कार्यक्रम को लागू करने के लिए आइआइटी कानपुर के साथ विश्वविद्यालय का संवाद जारी है. इस योजना के अंतर्गत कई सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित किये जायेंगे. व्यवसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाया जायेगा. महाविद्यालयों के साथ भी क्लस्टरिंग की जायेगा. भविष्य के कौशल को लेकर काम किये जायेंगे. इस योजना में संभावनाएं असीमित हैं. बैठक में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित थे.

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Published by: Sunil prasad

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