हजारीबाग : सदर प्रखंड के मासीपीढ़ी-सलैया पथ की स्थिति जर्जर है. इस मार्ग से दो पंचायतों के ग्रामीणों का आवागमन होता है. सड़क जर्जर होने के कारण अब तक दर्जनों स्कूली बच्चे दुर्घटना के शिकार हुए हैं. इस मार्ग से वाहन से चलना तो दूर, पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है.
सड़क खराब होने के कारण स्कूली समेत अन्य वाहनों को प्रतिदिन चार किमी की दूरी तय कर अन्य मार्गों से आना-जाना पड़ता है. सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर निकल आये हैं. अब बरसात आनेवाला है. पिछले बरसात में सड़क बह गया था. ग्रामीणों ने टूटी सड़क पर मिट्टी गिराकर आवागमन को चालू रखा था. बरसात आने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गयी है.
तीन साल पहले शुरू हुआ था सड़क निर्माण कार्य: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 05 जून-2014 को मासीपीढ़ी-सलैया मार्ग बनना शुरू हुआ था. इस मार्ग को पूरा करने की तिथि 12 दिसंबर 2015 थी. इस योजना से सड़क बनानेवाली कंपनी कार्य को अधूरा छोड़ चली गयी, तब से सड़क की स्थिति और खराब हो गयी है. मार्ग से दो पंचायतों के 10 हजार लोगों का आवागमन होता है.
क्या कहते हैं ग्रामीण
नयाखाप पंचायत के मुखिया राजेंद्र प्रसाद उर्फ राजन ने कहा कि मासीपीढ़ी-सलैया मार्ग जर्जर हो गया है. इस मार्ग से दो पहिया-चार पहिया वाहनों का आना-जाना बंद हो गया है. इस मार्ग से अब पैदल व साइकिल से भी चलना मुश्किल है. सड़क निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गयी है. इस सड़क के निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है.
जिला 20 सूत्री क्रियान्वन समिति के सदस्य रंजीत कुमार ने कहा कि मासीपीढी-सलैया मार्ग से दो पंचायत के लगभग 10 हजार लोगों का आवागमन होता है. इस मार्ग से नयाखाप पंचायत और भेलवारा पंचायत के गामीण आते-जाते हैं. सड़क जर्जर होने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है.
जर्जर सड़क का निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर अन्य मंत्रियों को पत्र लिखकर जानकारी दी गयी है. अब तक इस मार्ग के निर्माण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. भेलवारा पंचायत के बोचो गांव के ग्रामीण जीतेंद्र कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि आश्वासन के अलावा लोगों के मूलभूत सुविधाओं के बारे में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. अब बारिश का समय आ गया है. दोनों पंचायत के लोग कैसे आवागमन करेंगे.
