हजारीबाग : मां छिन्न-मस्तिष्के मंदिर, रजरप्पा परिसर में सीआरपीएफ के जवान संजय नट ने जिस तरह से खुद का गला रेत लिया. इस घटना से वहां के लोग सकते में हैं. संजय नट श्रीनगर में सीआपीएफ 45 बटालियन का जवान था. वर्तमान में वह ओड़िशा में सीआरपीएफ 216 बटालियन में प्रतिनियुक्त था. उसका बड़ा भाई संतोष नट श्रीनगर सीआरपीएफ 151 बटालियन में कार्यरत हैं.
यह जानकारी सीआरपीएफ 22 बटालियन हजारीबाग के कमांडेंट विष्णु गौतम ने दी. संजय नट की मौत के बाद इसके भाई संतोष नट को जानकारी दे दी गयी है. कमांडेंट श्री गौतम ने बताया कि मृतक ओड़िशा में डॉग हैंडेड का काम करता था और डॉग ट्रेनर था. कमांडेंट ने यह भी बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. संजय नट छुट्टी पर था. वह रजरप्पा खुद पहुंचा या किसी के बुलावे पर वहां गया, यह जांच का विषय है. हजारीबाग से मृतक संजय नट का कोई लेना-देना भी नहीं है. मृतक बिहार के आरा जिला के बलिहार गांव का रहनेवाला था.
