हजारीबाग : कोल माइंस से राजस्व लक्ष्य प्राप्ति को लेकर खान आयुक्त सह विभाग सचिव, उद्योग खान भूतत्व अबू बकर सिद्दीकी ने कई निर्देश दिये. राजस्व वसूली को लेकर हजारीबाग व रामगढ़ के सभी जीएम के साथ समाहरणालय कक्ष में बैठक की. सचिव ने कोलियरियों से होनेवाले उत्पादन और राजस्व वसूली का ब्योरा लिया. रजरप्पा कोल वाशरी के महाप्रबंधक ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 19.5 लाख मैट्रिक टन लक्ष्य था. जिसमें 14 लाख मैट्रिक टन लक्ष्य हासिल कर लिया गया है.
कुजू आरा कोलियरी के तहत सात प्रोजेक्टों में पिंडरा जोन कोल माईन्स के महाप्रबंधक ने बताया कि 189.99 एकड़ भूमि का अधिग्रहण संबंधी पत्र दिया गया है. एक लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 37.73 हजार मीट्रिक टन हासिल किया गया है. 31 दिसंबर 2016 से खनन तथा प्रोडक्शन कार्य बंद है. तोपा कोलियरी ओपेन कास्ट को 4.76 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 5.66 लाख मीट्रिक टन यानि लक्ष्य से अधिक उत्पादन किया है.
ढुलाई काम प्रभावित है. क्योंकि आरा फीडर ब्रेकर में लोड अधिक रहने के कारण लोडिंग नहीं हो पा रहा है. सारूबेड़ा कोल माइंस 36 हजार मीट्रिक टन के विरुद्ध 37 हजार मीट्रिक टन उत्पादित कोयलों को प्रोडक्शन किया जा रहा है. तोपा अंडर ग्राउंड माइंस के संबंध में बताया कि माइनिंग कार्य नुकसान में जाने के कारण एक अप्रैल, 2017 से बंद कर दिया जायेगा. जिससे राजस्व की हानि होगी. हेसागढ़ा माइंस में 2.13 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 1.32 लाख मीट्रिक टन कोयला उत्पादन की संभावना है. चरही के छह खानों के संबंध में महाप्रबंधक ने बताया कि तापिन का कार्य बंद है. पुनर्निविदा में भेजा गया है. तापिन उत्तरी में चार लाख मीट्रिक टन उत्पादन के विरुद्ध 3.70 लाख मीट्रिक टन कोयला प्रोडक्शन किया गया है. मांग नहीं रहने के कारण प्रोडक्शन की गति धीमी है. झारखंड ओपेन कास्ट में क्रशर बैठाने का कार्य चल रहा है. 31 मार्च, 2017 तक राजस्व में वृद्धि होगी. केदला माइंस में तीन लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 95 हजार मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है. भू-समस्या के कारण उत्पादन कम हो रहा है.
डीसी को भू-समस्या सुलझाने का निर्देश दिया गया है. केदला अंडर ग्राउंड वन सुरक्षा के दृष्टि से बंद कर दिया गया है. केदला-2 में कार्य चल रहा है. लक्ष्य का 50 प्रतिशत प्राप्त होने की संभावना है. बड़का सयाल के तहत भुरकुंडा खुली खदान में पांच लाख मीट्रिक टन उत्पादन के विरुद्ध 4.95 लाख मीट्रिक टन उपलब्धि हासिल की गयी है. राजस्व में वृद्धि होगी. अंडर ग्राउंड खदान भुरकुंडा में एक लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध 31 मार्च, 2017 तक लक्ष्य पूरा कर लिया जायेगा. उत्पादित कोयले का प्रोडक्शन कार्य भी पूरा कर लिया जायेगा. सौंदाडीह अंडर ग्राउंड माइंस में 60 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 30 हजार मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन किया गया है. स्यालडीह अंडर ग्राउंड माइंस में 80 हजार मीट्रिक टन के विरुद्ध अब तक 40 हजार मीट्रिक टन उत्पादित हुआ है.
31 मार्च तक 60 हजार मीट्रिक टन उत्पादन का उपलब्धि हासिल कर लिया जायेगा. उरीमारी कोल ब्लॉक के महाप्रबंधक ने बताया कि लक्ष्य पूरा कर लिया जायेगा. बिरसा उत्तरी उरीमारी खान 31 सितंबर, 2016 से बंद है. फरवरी-मार्च 2017 से उत्पादन शुरू होने की संभावना है. गिद्दी सी कोल ब्लॉक के महाप्रबन्धक ने बताया कि 132 एकड भूमि अधिग्रहण के लिए आवेदन किया गया है. अभी तक हासिल नहीं हुआ है. 5.50 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के विरुद्ध दो लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है. भूमि से संबंधित समस्या सुलझाने के लिए अपर समाहर्ता के साथ 18 जनवरी को बैठक होगी. रैलीगढ़ा, गिद्दी, बड़कासयाल, टाटा स्टील बेस्ट बोकारो घाटोटांड, एनटीपीसी पकरी बरवाडीह, एस्सार कोल माइंस, हिंडालको, मैकरा कोल ब्लॉक के महाप्रबंधकों द्वारा भूमि समस्या के संबंध में सचिव को जानकारी दी एवं समाधान के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
खान सचिव ने कहा कि सरकार कोल माइंस में उत्पादन बढ़ाये. राजस्व में भी बढोतरी पर जोर दे.जिसमें सभी कोल माइंस उत्पादन में वृद्धि के साथ स्टॉक कोयले को प्राथमिकता के आधार पर उठाये. ढुलाई में आनेवाली समस्याओं पर डीआरएम धनबाद से बातचीत कर अतिरिक्त रैक कोल ब्लॉकों को उपलब्ध कराये जायेंगे. बैठक में डीसी रविशंकर शुक्ला, प्रशिक्षु आइएएस रामनिवास यादव, एसडीओ शशि रंजन, खान उपनिदेशक उतरी छोटानागपुर सहित सभी कोल ब्लॉकों के महाप्रबन्धक तथा संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
