हजारीबाग : बाधित विद्युत आपूर्ति से हजारीबाग के जन-जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. लोग परेशान हैं. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है़ रोजाना बिजली नहीं रहने के कारण उद्योग-व्यवसाय पर भी प्रभाव पड़ रहा है़
हजारीबाग चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजकुमार जैन टोंग्या, संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल एवं सचिव विनय केसरी ने राज्य के मुख्यमंत्री को त्राहिमाम पत्र प्रेषित कर मांग की है कि हजारीबाग में बाधित विद्युत आपूर्ति शीघ्र ठीक की जाये़ अन्यथा हजारीबाग चेंबर इसके विरोध में धरना एवं अहिंसात्मक आंदोलन करेगा. चेंबर ने मुख्यमंत्री को उनका बयान याद कराते हुए पत्र लिखा है कि राज्य की जनता को 24 घंटे बिजली मिलेगी़ लेकिन जिला में कई दिनों तक बिजली गुल रह रही है. बाधित विद्युत से तमाम उद्योग पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है़ व्यवसायी नोटबंद की मार के बाद बाधित विद्युत आपूर्ति से परेशान हैं. बिजली अधिकारियों से इसकी शिकायत किये जाने पर उनका कहना होता है कि डीवीसी का बकाया राशि भुगतान नहीं होने के कारण बिजली काटी जा रही है. लेकिन चेंबर का कहना है कि राज्य भर में सबसे ज्यादा बिजली भुगतान करनेवाला जिला हजारीबाग है. नोटबंदी में भी सबसे ज्यादा भुगतान इसी जिला द्वारा किया गया है. नये कनेक्शन भी रोजाना बढ़ रहे हैं. बिजली विभाग का राजस्व वसूली भी बढ़ा है. इन सबके बावजूद हजारीबाग में ही बिजली का नहीं मिलना प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाता है.
बाधित विद्युत आपूर्ति से विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है. कंपकपाती ठंड में पानी गरम करना रोज की समस्या बन गयी है. संध्या के समय लगभग तीन घंटे बिजली नहीं होने से रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरीदने में व्यवसायियों और ग्राहकों को काफी कठिनाईयां सामने आ रही है. चेंबर ने मुख्यमंत्री से जिला में नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की अपील की है.
