इचाक : कोडरमा के सांसद रवींद्र राय व विधायक जानकी प्रसाद यादव बुधवार को डुमरौन गांव पहुंचे. नेताओं ने वहां एक जनवरी को दो समुदाय के बीच हुए विवाद की जानकारी ली. वहीं जनप्रतिनिधियों के घटना के तीन दिन बाद गांव पहुंचने पर ग्रामीण नाराज दिखे.
ग्रामीणों का कहना था कि मारपीट में घायल आठ लोगों को पुलिस इलाज करवाने के नाम पर थाना ले गयी और जेल भेज दिया. वहीं एक पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और निर्दोष को फंसाने का आरोप लगाया. कहा कि अजीत कुमार मेहता घटना के दिन डुमरौन में नहीं था, लेकिन उस पर भी प्राथमिकी हुई. ग्रामीणों की शिकायत पर सांसद व विधायक ने उच्च पदाधिकारियों से बात कर निर्दोष लोगों का नाम हटवाने का आश्वासन दिया. सांसद रवींद्र राय ने कहा कि शांति व्यवस्था कायम करने में स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों ने सराहनीय काम किया है.
उन्होंने कहा कि मनमानी करनेवाले पुलिसकर्मियों केविरुद्ध शिकायत की जायेगी. मौके पर बीडीओ रामगोपाल पांडेय, उप-प्रमुख चंद्रदेव प्रसाद मेहता, भाजपा नेता अर्जुन साव, सांसद प्रतिनिधि सत्यनारायण सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष गौतम नारायण सिंह, विधायक प्रतिनिधि रंजीत मेहता, मुखिया प्रतिनिधि अनिल कुमार मेहता, शिवप्रसाद मेहता उर्फ सुनील, प्रखंड अध्यक्ष जयनंदन मेहता, सच्चिदानंद अग्रवाल, मुखिया निर्मल कुमार, मुकेश उपाध्याय, पुलिस निरीक्षक विजय सिंह, थाना प्रभारी, प्रबील मेहता, संतोष मेहता, धनेश्वर साव, राजकुमार राम, फुलेश्वर मेहता, डीलो मेहता, सुरेश पासवान आदि मौजूद थे.
