हजारीबाग : जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण मटवारी गांधी मैदान की सुंदरता दिन-ब-दिन खत्म होती चली जा रही है. पार्क अब अतिक्रमण और गंदगी का शिकार हो गया है. जगह-जगह चहारदीवारी के टूटे होने से लोग अब नहीं समझ पाते कि इसका मुख्य द्वार कहां है. मैदान को हरा-भरा रखने के लिए छांवदार पेड़ लगाये गये हैं, लेकिन गंदगी और दुर्गंध के कारण लोग अब यहां नहीं आ पाते. चहारदीवारी से सटे हिस्से में मल-मूत्र एवं कचरे फेंके जाते हैं. प्रशासनिक लापरवाही के कारण अब रोजाना सुबह-शाम यहां घूमने आने वाले लोगों की संख्या नगण्य हो गयी है.
मटवारी मैदान में अतिक्रमण
हजारीबाग : जिला प्रशासन की उदासीनता के कारण मटवारी गांधी मैदान की सुंदरता दिन-ब-दिन खत्म होती चली जा रही है. पार्क अब अतिक्रमण और गंदगी का शिकार हो गया है. जगह-जगह चहारदीवारी के टूटे होने से लोग अब नहीं समझ पाते कि इसका मुख्य द्वार कहां है. मैदान को हरा-भरा रखने के लिए छांवदार पेड़ […]
